वन नेशन-वन इलेक्शन पर JPC बैठक में गूंजी नौगढ़ के सपा सांसद छोटेलाल खरवार की आवाज, जो पंचायत चुनाव एक साथ नहीं...
जेपीसी की बैठक में गूंजा नौगढ़ का सवाल
यूपी में एक साथ पंचायत चुनाव कराने की मांग
पंचायत अध्यक्षों का सीधे जनता से हो चुनाव
गांव और पंचायतों से शुरू हो चुनाव सुधार
सांसद छोटेलाल खरवार के सुझाव को मिला समर्थन
देश में इन दिनों 'वन नेशन-वन इलेक्शन' यानी एक देश-एक चुनाव को लेकर जमकर बहस चल रही है। इसी बीच लखनऊ में हुई संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में नौगढ़ के लाल और सोनभद्र से समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार ने एक ऐसा दमदार सवाल उठा दिया, जिसने चुनाव सुधार की इस पूरी चर्चा को गांव की गलियों और स्थानीय निकायों तक पहुंचा दिया है।
जब यूपी में नहीं हो पा रहा, तो देश में कैसे होगा?
सांसद छोटेलाल खरवार ने जेपीसी की बैठक में दो टूक शब्दों में कहा कि जब उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य में आज तक पंचायत चुनाव एक साथ नहीं कराए जा पा रहे हैं, तो फिर पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था व्यावहारिक कैसे हो सकती है? उन्होंने साफ कहा कि केवल बड़े स्तर पर चुनाव साथ कराने से लोकतंत्र की जमीनी दिक्कतें खत्म नहीं होने वाली हैं।
सुधार की शुरुआत पहले गांव से होनी चाहिए
सपा सांसद ने समिति के सामने दलील दी कि चुनाव सुधार की चर्चा तभी सच्ची और काम की साबित होगी, जब इसकी शुरुआत हमारे गांवों, पंचायतों और स्थानीय निकायों से की जाएगी। उनका मानना है कि लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हमारी पंचायतें ही हैं। इसलिए अगर सिस्टम में कोई बदलाव करना है, तो सबसे पहले राज्यों की स्थानीय चुनाव प्रणाली को ठीक और एक समान बनाना होगा।
पंचायत अध्यक्ष का सीधा चुनाव कराने की रखी मांग
बैठक में छोटेलाल खरवार ने एक बड़ा सुझाव देते हुए कहा कि पंचायत अध्यक्षों का चुनाव सीधे जनता के वोटों से कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में पंचायत के सारे चुनाव एक ही साथ कराए जाएं। उनका कहना था कि ऐसा करने से बार-बार होने वाला चुनावी खर्च कम होगा, सरकारी मशीनरी और अधिकारियों का समय बचेगा और आचार संहिता की वजह से विकास के काम भी नहीं रुकेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं का मिला बड़ा समर्थन
नौगढ़ के लाल छोटेलाल खरवार के इस जमीनी और व्यावहारिक सुझाव की बैठक में खूब चर्चा हुई। वहां मौजूद कई दूसरे सांसदों ने भी उनकी बात का खुलकर समर्थन किया। इस बेहद अहम बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य चुनाव आयोग के बड़े अधिकारी, प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) और कई सीनियर प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, जिनके सामने सांसद ने पंचायत चुनाव को राष्ट्रीय चुनाव सुधार का मुख्य आधार बनाने की मांग रखी।