चकरघट्टा थाने और SP दफ्तर से नहीं मिला न्याय, कोर्ट के आदेश पर 7 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
चंदौली के चकरघट्टा में जमीन विवाद को लेकर घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट के मामले में पुलिस ने सुनवाई नहीं की। पीड़ित के थाने से लेकर एसपी तक चक्कर काटने के बाद, आखिरकार कोर्ट के आदेश पर 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
चकरघट्टा में 7 लोगों पर मुकदमा दर्ज
पुलिस और SP दफ्तर से नहीं मिली राहत
कोर्ट के कड़े आदेश के बाद कार्रवाई
घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट का आरोप
पुरानी जमीन की रंजिश में हुआ हमला
चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत चकरघट्टा थाना इलाके में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाली खबर सामने आई है। पिपराही गांव के रहने वाले उमाशंकर (पुत्र अभिलाष) का आरोप है कि बीते 27 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे गांव के ही कुछ लोग पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर रंजिश निकालने पहुंचे। आरोपियों में भगवानदास, लक्ष्मण, रामजनम, दीपक, रवि, सुनील और अनिल हाथों में लाठी-डंडे लेकर उनके दरवाजे पर आ धमके।
महिलाओं से हाथापाई और जान से मारने की धमकी
उमाशंकर के मुताबिक, दरवाजे पर पहुंचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब इसका विरोध किया गया, तो आरोपियों ने उनके साथ जमकर मारपीट की। शोर-शराबा सुनकर जब परिवार के सदस्य बचाने के लिए दौड़े, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। जान बचाने के लिए पीड़ित परिवार जब घर के भीतर भागा, तो आरोपी घर में घुस आए और महिलाओं के साथ हाथापाई की। भागते-भागते आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी, जिससे कई लोग घायल हो गए।
थाने से लेकर SP तक लगाई गुहार, पर नहीं दर्ज हुई FIR
घटना के तुरंत बाद पीड़ित उमाशंकर ने चकरघट्टा थाने में लिखित तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने 29 अप्रैल को एसपी चंदौली से गुहार लगाई। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद मेडिकल रिपोर्ट के साथ दोबारा एसपी कार्यालय में आवेदन पत्र सौंपा गया। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और बेखौफ आरोपी पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां देते रहे।
आखिरकार कोर्ट का खटखटाना पड़ा दरवाजा
जब पुलिस और प्रशासनिक स्तर से कोई राहत नहीं मिली, तो पीड़ित ने मजबूर होकर न्याय पाने के लिए अदालत का रुख किया। न्यायालय के सख्त आदेश के बाद अब जाकर चकरघट्टा थाना पुलिस ने भगवानदास, लक्ष्मण, रामजनम, दीपक, रवि, सुनील और अनिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय पुलिस की प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।