वनाधिकार पट्टों पर सालों का इंतजार होगा खत्म! नौगढ़ के 15 गांवों की किस्मत का फैसला 20 को, DFO और SDM भी होंगे तलब

 

वनाधिकार पट्टों के लिए सालों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे नौगढ़ के ग्रामीणों के लिए बड़ी खबर है। डीएम चंद्र मोहन गर्ग 20 अगस्त को कलेक्ट्रेट में 15 गांवों के लोगों की सीधी सुनवाई करेंगे, जहां DFO और SDM भी मौजूद रहेंगे।

 
 

वनाधिकार पट्टों को लेकर डीएम चंद्र मोहन गर्ग का सख्त रुख

20 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभागार में होगी वनाधिकार समिति की बैठक

नौगढ़ के 15 गांवों के आवेदकों की होगी सीधी और व्यक्तिगत सुनवाई

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी और एसडीएम समेत कई बड़े अफसर रहेंगे मौजूद

सालों से लटकी फाइलों का मौके पर ही निस्तारण करने की तैयारी

वनाधिकार पट्टे के लिए सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे नौगढ़ के ग्रामीणों के लिए एक अच्छी खबर आई है। अब उनकी फाइलें बंद कमरों में धूल नहीं फांकेंगी। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर आगामी 20 अगस्त 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में आवेदक और जिम्मेदार अफसर आमने-सामने बैठकर फाइलों का निपटारा करेंगे।

15 गांवों के लोग सीधे रखेंगे अपना पक्ष
डीएम के आदेश के बाद जनपद स्तरीय समिति (वनाधिकार) की यह बैठक 20 अगस्त को सुबह 11 बजे तय की गई है। इसमें वनाधिकार अधिनियम-2006 और संशोधित नियम-2008 के तहत पेंडिंग पड़े मामलों की सीधी सुनवाई होगी। इसके लिए नौगढ़ क्षेत्र के 15 गांवों के लोगों को व्यक्तिगत रूप से अपने सभी जरूरी कागजात और सबूतों के साथ बुलाया गया है। 14 अगस्त को समाज कल्याण अधिकारी ने इसका आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया है।

अफसरों को कागजात के साथ हाजिर होने का हुक्म
इस बार मामला सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा। मेज पर एक तरफ ग्रामीण होंगे, तो दूसरी तरफ विभाग की असली फाइलें। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी (काशी वन्यजीव प्रभाग, रामनगर), जिला समाज कल्याण अधिकारी, और उप जिलाधिकारी (नौगढ़) को पूरे रिकॉर्ड के साथ मौजूद रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा चकिया, जयमोहनी, मझगांई और नौगढ़ के रेंज अधिकारियों को ग्रामीणों तक सूचना पहुंचाकर उन्हें बैठक में लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एक ही छत के नीचे होगा पूरा हिसाब-किताब
आमतौर पर वनाधिकार के मामलों में ग्रामीणों की सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि उन्हें तहसील से लेकर वन विभाग तक दौड़ना पड़ता है। लेकिन 20 अगस्त को कलेक्ट्रेट के एक ही कमरे में वन विभाग, तहसील प्रशासन और समिति के सभी बड़े अफसर मौजूद रहेंगे। इससे मौके पर ही सबूतों की जांच हो सकेगी और पात्र लोगों को उनका हक देने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।

फैसले के दिन पर टिकीं ग्रामीणों की निगाहें
नौगढ़ के सैकड़ों ग्रामीणों के लिए 20 अगस्त का दिन बेहद खास होने वाला है। सालों से अपने हक की जमीन के लिए आस लगाए बैठे लोगों को उम्मीद है कि डीएम की इस सख्त पहल से उनकी बरसों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकल जाएगा। अब देखना यह होगा कि 20 अगस्त को कितनी फाइलों पर मुहर लगती है और कितने परिवारों को उनके वनाधिकार का हक मिल पाता है।