चंद्रप्रभा सेंचुरी में दुधवा से आई मादा तेंदुआ, वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट, ग्रामीणों को चेतावनी

 

दुधवा टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर लाई गई मादा तेंदुआ को चंद्रप्रभा वन्य जीव विहार के जंगलों में छोड़ा गया है। इसके बाद से वन विभाग हाई अलर्ट पर है। रेंजर खुद गांवों में जाकर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं।

 
 

दुधवा से आई मादा तेंदुआ के बाद वन विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट पर

डीएफओ के निर्देश पर चंद्रप्रभा सेंचुरी के आस-पास बढ़ी गश्त

रेंजर अखिलेश दुबे ने ग्रामीणों से रील या वीडियो न बनाने की अपील की

शाम के बाद अकेले जंगल या खेतों की तरफ न जाने की चेतावनी

अफवाहों से बचने और तेंदुआ दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह

चंदौली के चंद्रप्रभा वन्य जीव विहार की देव पहाड़ी के घने जंगलों में दुधवा टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर लाई गई एक मादा गुलदार (तेंदुआ) को सुरक्षित छोड़ दिया गया है। इस नए मेहमान के आने से जहां एक तरफ पर्यावरण और जैव विविधता मजबूत होगी, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर पूरा वन महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन की पहली प्राथमिकता अब सेंचुरी के आस-पास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

डीएफओ के सख्त निर्देश, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) बी. शंकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंचुरी से सटे सभी गांवों में विशेष निगरानी अभियान चलाने का आदेश दिया है। जंगल की सीमाओं पर गश्त बढ़ा दी गई है। डीएफओ ने बताया कि मादा गुलदार को एक वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत ऐसे सुरक्षित इलाके में छोड़ा गया है, जहां उसके लिए पानी, प्राकृतिक शिकार और रहने की पूरी व्यवस्था है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बिना वजह जंगल में न जाएं और न ही किसी जानवर को परेशान करें।

रेंजर की अपील- 'तेंदुआ दिखे तो मोबाइल से सूचना दें, हीरो न बनें'
वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) अखिलेश दुबे खुद अपनी टीम के साथ गांव-गांव पहुंच रहे हैं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को साफ चेतावनी दी है कि अगर कहीं तेंदुआ दिखाई दे, तो उसके पीछे भागने, भीड़ लगाने या मोबाइल से उसकी रील और वीडियो बनाने की कोशिश बिल्कुल न करें। यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। रेंजर ने कहा कि ऐसी स्थिति में खुद हीरो बनने के बजाय तुरंत अपने मोबाइल से वन विभाग या स्थानीय स्टाफ को जानकारी दें।

शाम के बाद खेतों में जाने से बचें ग्रामीण
वन विभाग ने सेंचुरी के आस-पास के गांवों के लोगों को कुछ जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। लोगों से कहा गया है कि वे शाम ढलने के बाद अकेले खेतों या जंगल की तरफ जाने से बचें। विशेषकर बच्चों और पालतू मवेशियों (जानवरों) को अकेला न छोड़ें और उनकी कड़ी निगरानी रखें। वन विभाग का कहना है कि आपकी सतर्कता ही आपको किसी भी अनहोनी से सुरक्षित रख सकती है।

गांव-गांव चल रहा वन विभाग का 'भरोसा अभियान'
रेंजर अखिलेश दुबे का कहना है कि चंद्रप्रभा सेंचुरी में वन्यजीवों की संख्या बढ़ना प्रकृति और पर्यावरण के लिए बहुत अच्छे संकेत हैं। लेकिन इसके साथ ही इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव को रोकना भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभाग लगातार गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों का भरोसा जीत रहा है। वन विभाग का साफ लक्ष्य है— सुरक्षित जंगल, सुरक्षित वन्यजीव और सुरक्षित ग्रामीण। विभाग ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।