नौगढ़ तहसील में 'तारीख पर तारीख' से नाराज वकीलों का फूटा गुस्सा, SDM  के खिलाफ नारेबाजी कर न्यायिक कार्य का बहिष्कार

चंदौली की नौगढ़ तहसील में सुनवाई पूरी होने के बाद भी महीनों तक फैसले पेंडिंग रखने पर अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। एसडीएम विनय मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वकीलों ने 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पूरी खबर पढ़ें।

 

नौगढ़ तहसील में वकीलों का हंगामा

एसडीएम विनय मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी

न्यायिक कार्य का किया पूर्ण बहिष्कार

लंबित फैसलों को लेकर जताया आक्रोश

घेराव और हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील में 'फाइलों में कैद न्याय' को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। बुधवार को एसडीएम न्यायालय की लचर कार्यप्रणाली के विरोध में बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने पूरी तरह से न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। वकीलों का सीधा सवाल है कि जब कोर्ट में मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, तो आखिर महीनों तक फैसले क्यों नहीं सुनाए जा रहे हैं?

तहसील परिसर में एसडीएम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी
आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में इकट्ठा होकर एसडीएम विनय मिश्रा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। वकीलों ने प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सुनवाई पूरी होने के बाद भी आदेशों को दबाकर रखा जा रहा है। इस ढुलमुल रवैये के कारण दूर-दराज से आने वाले आम लोगों और गरीब वादकारियों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।

गरीबों और आदिवासियों का टूट रहा भरोसा
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र यादव ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि नौगढ़ एक पहाड़ी और आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यहाँ के गरीब ग्रामीण सैकड़ों रुपये खर्च कर और अपना पूरा दिन बर्बाद कर न्याय की उम्मीद में तहसील आते हैं। सुनवाई पूरी होने के बाद भी यदि महीनों तक फैसले सुरक्षित रख लिए जाएं, तो इससे जरूरतमंदों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता है। इससे सरकारी न्याय व्यवस्था पर से जनता का भरोसा टूट रहा है।

15 दिनों का अल्टीमेटम, आर-पार की लड़ाई का ऐलान
इस संबंध में बार एसोसिएशन की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें एसडीएम की कार्यशैली को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए सर्वसम्मति से आंदोलन तेज करने का प्रस्ताव पास किया गया। बार अध्यक्ष ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि अधिकारी जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। यदि 15 दिनों के भीतर लंबित मामलों का निपटारा नहीं किया गया, तो वकील तहसील का घेराव करेंगे और इसकी शिकायत सीधे जिलाधिकारी व हाईकोर्ट से की जाएगी।

आरोपों पर एसडीएम विनय मिश्रा की सफाई
इस पूरे विवाद और गंभीर आरोपों पर जब एसडीएम विनय मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने अपनी सफाई पेश की। एसडीएम ने कहा कि जिन मामलों में सभी आवश्यक विधिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, उनमें प्रशासन द्वारा लगातार आदेश पारित किए जा रहे हैं। कुछ मामले कानूनी रूप से काफी पेचीदा और जटिल हैं, इसलिए पूरी प्रक्रिया और जांच मुकम्मल होने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।