नौगढ़ के 14 सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर, पहली बार होगी नर्सरी-KG की पढ़ाई; ECCE एजुकेटर की तैनाती तय

 

नौगढ़ ब्लॉक के 14 सरकारी स्कूलों में अब 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू होंगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने ECCE एजुकेटरों की तैनाती पूरी कर ली है, जिससे ग्रामीण बच्चों को अब मुफ्त नर्सरी-KG शिक्षा का लाभ मिलेगा।

 
 

नौगढ़ के 14 स्कूलों में लगेगी प्री-प्राइमरी कक्षा

ECCE एजुकेटर की भर्ती प्रक्रिया पूरी

सरकारी स्कूलों में मिलेगी नर्सरी-KG शिक्षा

प्राइवेट स्कूलों के आर्थिक बोझ से राहत

खेल-खेल में दी जाएगी शुरुआती शिक्षा

चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में अब तीन से छह वर्ष के छोटे बच्चों के लिए पढ़ाई का एक नया और आधुनिक दौर शुरू होने जा रहा है। सालों से जिस प्री-प्राइमरी शिक्षा की कमी के कारण गांव के अभिभावक अपने छोटे बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर थे, उस समस्या को दूर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ा दांव खेला है।

विभाग ने (ECCE) यानी 'अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन' एजुकेटर की भर्ती प्रक्रिया पूरी करते हुए विकास खंड नौगढ़ के 14 सरकारी विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती तय कर दी है। वर्षों से प्री-प्राइमरी पढ़ाई का इंतजार कर रहे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के लिए इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नौगढ़ के इन 14 विद्यालयों में शुरू होंगी कक्षाएं
जिन विद्यालयों में ECCE एजुकेटर तैनात किए जा रहे हैं, उनमें कम्पोजिट विद्यालय मझगावा नई बस्ती, नौगढ़, बैरगाढ़, जैमोहनी, मगरही और नर्वदापुर शामिल हैं। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालय नौगढ़, तेंदुआ, उदितपुर सुर्रा, देवखत, डुमरिया, परसहवा, बरवाडीह और मझगावा में भी इन शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।

इन सभी 14 विद्यालयों पर अब क्षेत्र के हजारों अभिभावकों की उम्मीदें टिकी हुई हैं। इन स्कूलों में तीन से छह साल तक के छोटे बच्चों को बोझिल किताबों के बजाय खेल-खेल में सीखने की आधुनिक गतिविधियों के जरिए शुरुआती शिक्षा दी जाएगी। इससे बच्चों का मानसिक विकास बेहतर हो सकेगा।

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा बड़ा फायदा
अब तक नौगढ़ के अधिकांश ग्रामीण परिवारों के सामने यह मजबूरी थी कि वे नर्सरी और केजी की पढ़ाई के लिए बच्चों को भारी-भरकम फीस देकर प्राइवेट स्कूलों में भेजें, या फिर बच्चा 6 साल का हो जाए तो सीधे कक्षा-1 में दाखिला कराएं। इससे बच्चों की नींव कमजोर रह जाती थी या अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ता था।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब बच्चों को गांव के ही सरकारी विद्यालय में प्री-प्राइमरी शिक्षा का बेहतरीन अवसर मिलेगा। इससे गरीब परिवारों का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा और साथ ही परिषदीय विद्यालयों में छात्र नामांकन का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

काउंसलिंग पूरी, जल्द जारी होंगे ऑफर लेटर
इस पूरी प्रक्रिया पर जानकारी देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है और उन्हें विद्यालय भी आवंटित कर दिए गए हैं। अब बहुत जल्द अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर जारी कर विद्यालयों में जॉइनिंग कराई जाएगी।

जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी होते ही नौगढ़ के इन चयनित 14 विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। यदि यह व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह से और सही ढर्रे के साथ लागू होती है, तो नौगढ़ के गांवों में पहली बार सरकारी स्कूल नर्सरी-KG की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में निजी स्कूलों को सीधी चुनौती देते नजर आएंगे।