नौगढ़ के बरवाडीह में सड़क बनी दलदल, 20-25 गांवों का संपर्क टूटा, ग्रामीणों ने दी 15 दिन में प्रदर्शन की चेतावनी

 

नौगढ़ के बरवाडीह बाजार की मुख्य सड़क बारिश के बाद कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है। 20-25 गांवों की लाइफलाइन कही जाने वाली इस सड़क की बदहाली से तंग आकर ग्रामीणों ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पूरी खबर पढ़ें...

 
 

बरवाडीह बाजार की मुख्य सड़क बनी कीचड़ का तालाब

20 से 25 गांवों की आवाजाही हुई बुरी तरह प्रभावित

जूते हाथ में लेकर स्कूल जाने को मजबूर हुए मासूम बच्चे

सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार और विधायक कैलाश आचार्य पर उठे सवाल

समस्या न सुलझने पर 15 दिन बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील का बरवाडीह बाजार आसपास के करीब 20 से 25 गांवों की सामाजिक और आर्थिक जीवनरेखा माना जाता है। लेकिन आज मानसून की बारिश के बाद यही मुख्य बाजार लोगों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत का सबब बन चुका है। कहने को तो यहाँ यूनियन बैंक, स्टेट बैंक और यूपी ग्रामीण बैंक की मिनी शाखाएं हैं, साधन सहकारी समिति है और कंपोजिट विद्यालय भी है, जहाँ रोज़ हजारों लोग आते-जाते हैं। लेकिन विडंबना यह है कि इतनी महत्वपूर्ण जगह को जोड़ने वाली सड़क आज कीचड़ और दलदल के तालाब में तब्दील हो चुकी है।

जूते हाथ में लेकर स्कूल जाने को मजबूर हैं बच्चे
बारिश के बाद सड़क पर गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव जमा हो गया है। जन सेवा केंद्र संचालक संदीप जायसवाल बताते हैं कि स्थिति इतनी खराब है कि बैंक आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को अपने जूते-चप्पल हाथ में लेकर कीचड़ पार करना पड़ता है। कंपोजिट विद्यालय जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों के कपड़े रोज़ गंदे हो जाते हैं और फिसलकर गिरने से चोट लगने का डर बना रहता है। दोपहिया वाहन लगातार फिसल रहे हैं और गाड़ियों की आवाजाही ठप पड़ गई है।

चुनाव में बड़े-बड़े वादे, फिर गायब हुए सांसद और विधायक
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करके चले जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही बरवाडीह बाजार की यह समस्या जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों ने सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार, क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य और जिला पंचायत सदस्य आजाद अंसारी से सीधा सवाल किया है कि आखिर इतनी महत्वपूर्ण सड़क उनकी प्राथमिकताओं में शामिल क्यों नहीं है? इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत और स्थानीय ग्राम पंचायत भी इस जर्जर सड़क की सुध लेने को तैयार नहीं हैं।

आवाजाही ठप होने से व्यापार और मरीजों पर पड़ रहा असर
बरवाडीह केवल एक आम बाज़ार नहीं है, बल्कि यह दर्जनों गांवों के किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम जनता का मुख्य केंद्र है। खस्ताहाल सड़क और कीचड़ के कारण बाज़ार का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही बरसात के दिनों में अगर किसी बीमार व्यक्ति या मरीज को अस्पताल ले जाना पड़े, तो इस दलदल भरे रास्ते को पार करना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं होता।

15 दिन का मिला अल्टीमेटम, तहसील मुख्यालय पर होगा प्रदर्शन
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की इस अनदेखी से परेशान होकर स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर सड़क के निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से पूरा बाज़ार बंद करेंगे। इसके बाद तहसील मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।