ऐसे भी फाइलों में होता है विकास, जमीन पर 'खुला कुआं'! नौगढ़ के भैसौड़ा गांव में अधूरी नाली बनी जान का दुश्मन
जिला पंचायत की अधूरी नाली बनी खतरा
शवयात्रा के दौरान टला बड़ा हादसा
एक साल से नाली पर नहीं लगा ढक्कन
भैसौड़ा गांव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश
ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर देखना हो, तो चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ की भैसौड़ा पंचायत चले आइए। यहाँ जिला पंचायत द्वारा विकास के नाम पर बनाई गई एक नाली अब मासूम लोगों के लिए 'खुला खतरा' बन चुकी है। सोमवार को इस अधूरी नाली की वजह से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अंतिम संस्कार के लिए जा रहे कई ग्रामीण खुली नाली में फिसलने के कारण गिरते-गिरते बचे।
शवयात्रा के दौरान अचानक मच गया हड़कंप
मिली जानकारी के मुताबिक, भैसौड़ा गांव में रहने वाले सहमुल्ला के निधन के बाद ग्रामीण उनके शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान ले जा रहे थे। जैसे ही भीड़ जिला पंचायत द्वारा बनवाई गई नाली के पास से गुजरी, अचानक नाली का खुला हिस्सा आ गया। ढक्कन न होने की वजह से कई लोगों का पैर नाले में फंस गया और वे अपना संतुलन खो बैठे। जनाजा लेकर चल रहे लोग किसी तरह गिरने से बचे। इस घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
एक साल पहले बनी नाली, पर ढक्कन लगाना भूला विभाग
गांव के लोगों का सीधा आरोप है कि जिला पंचायत चंदौली के द्वारा करीब एक साल पहले इस नाली का निर्माण कराया गया था। ठेकेदार और अफसरों ने नाली तो खोद दी, लेकिन उस पर सीमेंट का ढक्कन (पटिया) लगाना पूरी तरह भूल गए। अब स्थिति यह है कि नाली जगह-जगह से टूट चुकी है और इसका खुला हिस्सा राहगीरों के लिए जान का दुश्मन बन गया है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह काम सिर्फ कागजों में पूरा दिखाकर बजट ठिकाने लगा दिया गया?
ग्रामीणों ने ठेकेदार पर कार्रवाई की उठाई मांग
इस घटना के बाद से पूरे भैसौड़ा गांव के लोगों में जिला प्रशासन और पंचायत के खिलाफ भारी नाराजगी है। लोग इसे विकास नहीं बल्कि अपनी जान के लिए आफत बता रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक यह मुद्दा गरमा गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस लापरवाही के जिम्मेदार ठेकेदार और अफसरों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए और नाली पर जल्द से जल्द मजबूत ढक्कन लगवाया जाए ताकि आगे कोई बड़ी अनहोनी न हो।