नौगढ़ में आवास सत्यापन में हो रही रिश्वतखोरी, ग्रामीणों ने ब्लॉक का घेराव कर शुरू किया धरना
चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक में आवास सत्यापन में धांधली और रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर देउरा और नर्वदापुर के ग्रामीणों ने ब्लॉक का घेराव कर धरना दिया।
नौगढ़ ब्लॉक कार्यालय का ग्रामीणों ने किया घेराव
अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का लगा आरोप
पात्रों के नाम काटे, अपात्रों को बनाया पात्र
सेक्टर प्रभारी को हटाने की उठी मांग
बीडीओ ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
चंदौली जिले के नौगढ़ विकास खंड परिसर में शुक्रवार को उस समय भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब ग्राम पंचायत देउरा और उसके राजस्व गांव नर्वदापुर के ग्रामीण एकजुट होकर ब्लॉक कार्यालय पहुंच गए। बड़ी संख्या में आए महिला-पुरुषों ने ब्लॉक परिसर का घेराव कर दिया और जमीन पर बैठकर उग्र धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आवास सत्यापन में धांधली का मुद्दा उठाया।
अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप
धरना दे रहे ग्रामीणों ने सेक्टर प्रभारी एडीओ आईएसबी अनिल कुमार और सचिव सुमित नंदन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का सीधा कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची का सत्यापन करने पहुंचे ये अधिकारी घर-घर जाकर जांच के नाम पर लाभार्थियों से गलत तरीके से पैसे यानी सुविधा शुल्क मांग रहे हैं। रिश्वत न देने पर पात्र लोगों को योजना से बाहर करने की धमकी दी जा रही है।
पात्रों को हटाया, अपात्रों को जोड़ा
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 'जीरो पॉवर्टी योजना' के तहत चुने गए सात असली और गरीब लाभार्थियों के नाम सेक्टर प्रभारी अनिल कुमार ने लिस्ट से काट दिए हैं। उनका कहना है कि जो लोग हकीकत में मिट्टी के घरों में रह रहे हैं और योजना के पूरी तरह हकदार हैं, उन्हें अपात्र बता दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, नियम-कायदों को दरकिनार कर ऐसे सक्षम लोगों को पात्र बना दिया गया जो इसके योग्य नहीं थे।
सेक्टर प्रभारी को हटाने पर अड़े ग्रामीण
आक्रोशित ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि विवादित सेक्टर प्रभारी अनिल कुमार को तुरंत सत्यापन के काम से हटाया जाए। उनकी जगह किसी ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा जाए ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को उनका हक मिल सके। इसके साथ ही ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।
धरने में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
ब्लॉक परिसर में आयोजित इस विरोध-प्रदर्शन में गांव के कई गणमान्य लोग और पीड़ित परिवारों के सदस्य शामिल रहे। धरने पर मुख्य रूप से हरिराम गुप्ता, राकेश, संदीप कुमार, राधिका, सुमन लता, विजय गुप्ता, रामप्यारे, शकुंतला, जगदीश और गजानंद समेत कई अन्य ग्रामीण डटे रहे। सभी ग्रामीणों ने एक सुर में चेतावनी दी कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता और पारदर्शी जांच नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।
बीडीओ ने दिया जांच का आश्वासन
पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए खंड विकास अधिकारी राकेश सिंह ने जानकारी दी कि कुल 331 आवासों में से 37 आवास चालू वित्तीय वर्ष में जारी किए गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए कहा कि नियमानुसार पूरे मामले की बारीकी से जांच कराई जाएगी। बीडीओ ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।