फाइलों में चकाचक, जमीन पर बदहाल: बीडीओ साहब! 22 को आने वाली है बारात, क्या दूल्हा-दुल्हन और बाराती जंगल जाएंगे?

 

नौगढ़ विकास खंड में गंदगी और दुर्गंध ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। 22 तारीख को होने वाले सामूहिक विवाह से पहले सामुदायिक शौचालय की बदहाली एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिससे प्रशासन की साख दांव पर है।

 
 

सामुदायिक शौचालय में गंदगी का अंबार

22 जनवरी को भव्य सामूहिक विवाह

बीडीओ के प्रयासों पर कर्मचारियों का ग्रहण

बारात के खुले में जाने का खतरा

फाइलों तक सिमटी स्वच्छता की हकीकत

चंदौली जिले के नौगढ़ विकास खंड परिसर में इन दिनों स्वच्छता अभियान दम तोड़ता नजर आ रहा है। यहाँ का सामुदायिक शौचालय गंदगी और दुर्गंध का केंद्र बन चुका है। सबसे बड़ा और शर्मनाक सवाल अब यह खड़ा हो गया है कि आगामी 22 तारीख को होने वाले सामूहिक विवाह में शामिल होने वाले दूल्हा-दुल्हन और बाराती आखिर कहाँ जाएंगे?

बीडीओ की सक्रियता पर अधीनस्थ कर्मचारियों का ग्रहण
विकास खंड नौगढ़ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विकास सिंह अपनी कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में 1100 लोगों को प्रधानमंत्री आवास के लिए सत्यापन और क्लस्टर आवास निर्माण जैसे बड़े कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। लेकिन, विडंबना यह है कि उनके इन प्रयासों पर उन्हीं के अधीनस्थ कर्मचारी पलीता लगा रहे हैं। ब्लॉक मुख्यालय आने वाले फरियादी और आम लोग शौचालय की स्थिति देखकर अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।

सफाई व्यवस्था ध्वस्त: एडीओ पंचायत और कर्मचारियों की लापरवाही
बीडीओ की मेहनत के बावजूद धरातल पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। सफाई कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद हैं और रोस्टर का पालन केवल कागजों तक सीमित है। एडीओ पंचायत की मॉनिटरिंग फेल साबित हो रही है। शौचालय के भीतर का दृश्य इतना भयावह है कि लोग मजबूरी में खुले में शौच के लिए जाने को विवश हैं। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां भी उड़ा रही है।

22 की बारात: प्रशासन के लिए सम्मान या शर्मिंदगी?
आगामी 22 तारीख को इसी परिसर में सामूहिक विवाह का बड़ा आयोजन प्रस्तावित है। भारी संख्या में लोग यहाँ जुटेंगे। यदि समय रहते सफाई और व्यवस्था नहीं सुधरी, तो दूर-दराज से आने वाले बारातियों को शौच के लिए पास के जंगलों का रुख करना पड़ेगा। यह स्थिति जिला प्रशासन और ब्लॉक मुख्यालय के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो सकती है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अधिकारियों की नजर केवल फाइलों पर है या उन्हें धरातल की हकीकत भी दिखती है?

साहब का आश्वासन, जनता को समाधान का इंतज़ार
इस पूरे मामले पर खंड विकास अधिकारी विकास सिंह का कहना है कि स्थिति उनके संज्ञान में है और सुधार के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन तो बहुत मिलते हैं, लेकिन अब समय फाइलों से बाहर निकलकर हकीकत में बदलाव दिखाने का है। यदि 22 तारीख से पहले शौचालय चकाचक नहीं हुआ, तो यह भव्य आयोजन प्रशासन की नाकामी की कहानी बयां करेगा।