DM साहब अफसरों को AC से बाहर निकालिए, कौन बनवाएगा ये जानलेवा पुलिया , मिल गयी है चक्का जाम की चेतावनी

चंदौली के नौगढ़ में टूटी पुलिया ग्रामीणों के लिए काल बनी हुई है। तीन साल से जर्जर घोषित और बाढ़ में ध्वस्त इस पुलिया ने एक युवक की जान ली। प्रशासन की चुप्पी से नाराज ग्रामीण अब आंदोलन की राह पर हैं।

 

नौगढ़ में टूटी पुलिया से ग्रामीणों को खतरा

प्रशासन की उदासीनता से बढ़ा जन-आक्रोश

जर्जर पुलिया के कारण लगातार हो रहे हादसे

ग्रामीणों ने दी चक्का जाम की चेतावनी

विकास के दावों की खुली पोल

चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील में बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक उदासीनता लोगों की जान पर बन आई है। विशेषरपुर गांव की मुसहर बस्ती के सामने कूड़ा राजवाहा नहर पर बनी पुलिया वर्तमान में केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि मौत को न्योता देने वाला एक घातक बिंदु बन चुकी है।

तीन साल से जर्जर, प्रशासन बेखबर
यह पुलिया पिछले तीन वर्षों से सिंचाई विभाग द्वारा जर्जर घोषित की जा चुकी थी। 27 जुलाई 2025 को आई बाढ़ ने इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, लेकिन विभाग ने इसके पुनर्निर्माण की सुध नहीं ली। विभागीय फाइलों में यह पुलिया केवल एक नंबर है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हर रोज स्कूल जाने वाले बच्चे और किसान इसी मौत के साये से गुजरने को मजबूर हैं।

एक और हादसा, फिर भी मौन
प्रशासन की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 19 मार्च 2026 को दिलीप पाल नामक युवक मोटरसाइकिल समेत इसी पुलिया में गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक का पेट और अग्न्याशय फट गया था, जिसे वाराणसी रेफर करना पड़ा। इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूटी। वहीं, क्षेत्र के अन्य स्थानों जैसे जयमोहनी माइनर पर भी सड़कें जर्जर हैं, जहाँ आए दिन हादसे हो रहे हैं।

समाधान नहीं हुआ तो  चक्का जाम को तैयार 
भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र ने बताया कि 4 अप्रैल को जिलाधिकारी को ज्ञापन देने और मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बरसात शुरू होने से पहले पुलिया का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन चक्का जाम अवश्य करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन फाइलों से बाहर निकलकर संवेदनशीलता दिखाता है या किसी और हादसे का इंतजार करेगा।