'पापा को मत मारिए...' बेटी ने पुलिस का वीडियो बनाकर किया वायरल: जमीन विवाद के दौरान चौकी प्रभारी करने लगे पिटाई, देखें वीडियो

 

चंदौली के नौगढ़ में जमीन विवाद सुलझाने पहुंचे चौकी प्रभारी पर एक व्यक्ति की पिटाई का आरोप लगा है। पिता को पिटता देख बेटी ने मोबाइल से वीडियो बनाकर फेसबुक पर वायरल कर दिया। पुलिस आरोपों को बेबुनियाद बता रही है।

 
 

नौगढ़ के जयमोहनी पोस्ता में जमीन विवाद के दौरान हंगामा

'पापा को मत मारिए' कहते हुए बेटी ने बनाया पुलिस का वीडियो

अमदहां-चरनपुर चौकी प्रभारी पर लगा पिटाई का गंभीर आरोप

वीडियो फेसबुक पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप

पुलिस ने आरोपों को बताया झूठा, दोनों पक्षों पर मामला दर्ज

चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील अंतर्गत जयमोहनी पोस्ता ग्राम पंचायत से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अमदहां-चरनपुर चौकी प्रभारी की कार्रवाई को लेकर पूरे क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है। जानकारी के मुताबिक गाँव के रहने वाले बलदेव यादव और मंगला यादव के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर खींचतान चल रही थी। सोमवार को जब विवाद बढ़ा तो सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी हंसराज मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर स्थिति संभालने पहुंचे थे।

नौगढ़ के जयमोहनी पोस्ता में जमीन विवाद के दौरान हंगामा

'पापा को मत मारिए' कहते हुए बेटी ने बनाया पुलिस का वीडियो

अमदहां-चरनपुर चौकी प्रभारी पर लगा पिटाई का गंभीर आरोप

वीडियो फेसबुक पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप@naugarhcdi @Uppolice @chandaulipolice pic.twitter.com/Am9pWMr2rc

— Vijay Kumar Tiwari (@vijayku49133779) July 28, 2026


बेटी ने कैमरे में कैद किया घटनाक्रम

मौके पर पहुंचने के बाद विवाद सुलझाने के दौरान स्थिति और बिगड़ गई। बलदेव यादव के पक्ष ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी ने उनके साथ मारपीट की। अपने पिता को पुलिस के हाथों पिटता देख उनकी बेटी घबरा गई और दौड़कर मोबाइल ले आई। उसने "पापा को मत मारिए..." कहते हुए पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद उसने यह वीडियो फेसबुक पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

पुलिस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वीडियो वायरल होते ही पुलिस की कार्यशैली पर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, चौकी प्रभारी हंसराज मिश्रा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को साफ सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि दोनों पक्षों में पुराना विवाद था और पुलिस केवल शांति व्यवस्था बनाने गई थी। पुलिस का दावा है कि कानूनी कार्रवाई से बचने और पुलिस को बदनाम करने की नीयत से यह झूठा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया है।

दोनों पक्षों पर दर्ज हुआ मुकदमा

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस निष्पक्षता से पूरे मामले की जांच करने का दावा कर रही है।

निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगी सच्चाई

यह मामला अब सिर्फ दो पड़ोसियों के बीच की जमीन की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि वर्दी की साख और सोशल मीडिया के प्रभाव का बड़ा सवाल बन गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर पुलिस ने सच में अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है तो कार्रवाई होनी चाहिए, और अगर पुलिस को फंसाने के लिए वीडियो का सहारा लिया गया है तो ऐसा करने वालों पर भी नकेल कसना जरूरी है।