नौगढ़ में हाईटेंशन लाइन से टकराया कंटेनर, चप्पल लेने लौटे खलासी की करंट से मौत
चंदौली के नौगढ़ में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से कंटेनर टकराने पर बड़ा हादसा हो गया। जान बचाकर कूदे खलासी की चप्पल लेने लौटने पर करंट लगने से मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए।
हाईटेंशन लाइन से टकराया कंटेनर
चप्पल लेने लौटे खलासी की मौत
करंट की चपेट में आया वाहन
हादसे में 11 लोग हुए घायल
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि कुछ सेकंड में बदली जिंदगी की दर्दनाक कहानी है। तहसील नौगढ़ क्षेत्र के एक राइस मिल में धान की भूसी लोड करने जा रहा कंटेनर शुक्रवार को तड़के सुबह विशेषरपुर गांव के पास 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। पूरे वाहन में करंट दौड़ते ही चालक, खलासी और 11 मजदूर जान बचाने के लिए कूद पड़े। सभी को लगा कि खतरा टल गया है, लेकिन खलासी अशोक कुमार उर्फ छोटू की चप्पल कंटेनर में ही छूट गई। वह चप्पल लेने दोबारा लौटा और जैसे ही कंटेनर को छुआ, करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही पलों में उसने मौके पर दम तोड़ दिया।
पहले बच गई जान, फिर एक चप्पल ने छिन ली जिंदगी
सोनभद्र जिले के आमडीह गांव निवासी अशोक कुमार उर्फ छोटू कंटेनर पर खलासी था। कंटेनर नौगढ़-सोनभद्र मुख्य मार्ग से नर्वदापुर गांव की तरफ संचालित राइस मिल की ओर जा रहा था। विशेषरपुर गांव के पास पुलिया से मुड़ते समय कंटेनर की ऊंची बॉडी ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा गई। करंट फैलते ही सभी लोग वाहन से नीचे कूद गए। इसी दौरान अशोक की चप्पल कंटेनर में रह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह चप्पल लेने दोबारा कंटेनर के पास पहुंचा और वाहन के संपर्क में आते ही करंट की चपेट में आ गया। हादसे में बृजेश, धतूरा, सद्दाम, महेंद्र, बिंदु, नंदलाल, जगदीश, दिनेश, महेश, अनिल और राहुल भी कूदने के दौरान घायल हुए, जिन्हें ग्रामीणों ने तत्काल सोनभद्र जिला अस्पताल पहुंचाया।
रोज गुजरते हैं कंटेनर,
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक जवाबदेही पर खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राइस मिल तक लंबे समय से इसी मार्ग से बड़े और ऊंचे कंटेनर आते-जाते रहे हैं। यदि ऐसा था तो क्या बिजली विभाग ने कभी हाईटेंशन लाइन की सुरक्षित ऊंचाई का निरीक्षण किया? क्या सड़क और बिजली लाइन का संयुक्त सुरक्षा ऑडिट कराया गया? एसडीओ (विद्युत) दिनेश सिंह का कहना है कि कंटेनर की ऊंचाई अधिक होने के कारण वह लाइन की चपेट में आया। वहीं ग्रामीणों का मानना है कि जांच केवल कंटेनर की ऊंचाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी तय होना चाहिए कि लाइन सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
कंटेनर कब्जे में, जांच से तय होगी असली जिम्मेदारी
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा कंटेनर को हिरासत में ले लिया है। थानाध्यक्ष प्रमोद यादव ने बताया कि पूरे मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी। अब इस हादसे की जांच सिर्फ यह नहीं बताएगी कि करंट कैसे लगा, बल्कि यह भी तय करेगी कि एक चप्पल लेने लौटे खलासी की मौत के पीछे सिर्फ बदकिस्मती थी या फिर सुरक्षा व्यवस्था की कोई ऐसी चूक, जिसे समय रहते सुधारा जा सकता था।