नौगढ़ में 'Android System Update' के नाम पर साइबर ठगी, लिंक पर क्लिक करते ही उड़े 23,409 रुपये

 

नौगढ़ में 'एंड्रॉयड सिस्टम अपडेट' के नाम पर एक युवक के बैंक खाते से 23,409 रुपये उड़ गए। क्षेत्र में एक महीने के भीतर ठगी का यह तीसरा मामला सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है।

 
 

नौगढ़ में एंड्रॉयड सिस्टम अपडेट का झांसा

लिंक क्लिक करते ही खाते से उड़े 23,409 रुपये

एक महीने में साइबर ठगी का तीसरा मामला

डिजिटल बैंकिंग को लेकर सहमे स्थानीय लोग

सीओ ने की अनजान लिंक पर क्लिक न करने की अपील

चंदौली जिले के नौगढ़ थाना क्षेत्र में इन दिनों साइबर अपराधियों का गिरोह लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में एक ही महीने के भीतर ऑनलाइन ठगी का यह तीसरा मामला सामने आने से आम जनता और दुकानदारों के बीच भारी डर का माहौल बन गया है। इस बार ठगों ने एंड्रॉयड सिस्टम अपडेट करने का झांसा देकर एक युवक का पूरा बैंक खाता खाली कर दिया।

'सिस्टम अपडेट' का फर्जी मैसेज बना काल
नौगढ़ थाना क्षेत्र के गोलाबाद गांव के रहने वाले राजनाथ का बेटा राहुल, जो तमिलनाडु में नौकरी करता है, उसका यूपी ग्रामीण बैंक में खाता है। राहुल के मोबाइल पर अचानक "Android System Update" का एक मैसेज आया। राहुल ने जैसे ही उस मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन कुछ देर के लिए पूरी तरह हैंग हो गया।

10 मिनट में फोनपे के जरिए उड़ गए रुपये
लिंक पर क्लिक करने के करीब 10 मिनट बाद जब मोबाइल फोन दोबारा चालू हुआ, तो राहुल के फोन पर फोनपे के माध्यम से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। जब पीड़ित ने अपने स्तर से जांच की, तो पता चला कि उनके खाते से ₹23,409 अकेश कुमार नाम के एक व्यक्ति के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो चुके हैं। राहुल का दावा है कि उन्होंने न तो किसी से ओटीपी शेयर किया था और न ही अपना यूपीआई पिन डाला था।

एक सप्ताह के भीतर ठगी का तीसरा मामला
नौगढ़ इलाके में लगातार हो रही इन वारदातों से लोग सहमे हुए हैं। इससे पहले भी मलेवर गांव के तिवारी जी और नौगढ़ कस्बे के दैनिक जागरण के पत्रकार प्रदीप केसरी के दो बैंक खातों से केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर करीब ₹60 हजार की ठगी हो चुकी है। अब तीसरे मामले के सामने आने से लोग डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने से डरने लगे हैं।

स्थानीय लोगों में आक्रोश और पुलिस से मांग
लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर से भरोसा उठ रहा है। कई लोग अब बैंक से कैश निकालकर घर में रखने की बात करने लगे हैं। पीड़ितों का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें सिर्फ जांच का आश्वासन मिलता है। लोगों ने मांग की है कि साइबर ठगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों के पैसे वापस दिलवाए जाएं।

सीओ देवेंद्र कुमार की सावधान रहने की अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) देवेंद्र कुमार ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। अपने मोबाइल फोन में कोई भी संदिग्ध ऐप या रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन (जैसे एनीडेस्क) इंस्टॉल न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।

ठगी होने पर तुरंत करें यह काम
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि आपके साथ किसी भी तरह की साइबर ठगी होती है, तो बिना समय गंवाए तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। इसके अलावा पास के पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में तुरंत जाकर अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराएं। अगर समय रहते शिकायत दर्ज हो जाती है, तो पैसे होल्ड होने और वापस मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।