नौगढ़ बांध में रिसाव की स्थिति से निपटने की तैयारी, 29 विभागों के साथ प्रशासन करेगा 11 जून को मेगा मॉक ड्रिल
मानसून से पहले नौगढ़ तहसील प्रशासन ने संभावित आपदा से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। 11 जून को नौगढ़ बांध पर 29 विभागों की संयुक्त मॉक ड्रिल होगी, जिसमें रिसाव, बचाव और राहत कार्यों का वास्तविक अभ्यास किया जाएगा।
नौगढ़ बांध पर मेगा मॉक ड्रिल
29 विभागों की संयुक्त तैयारी
रिसाव और रेस्क्यू का अभ्यास
एनडीआरएफ और पीएसी रहेंगी तैनात
आपदा प्रबंधन का जमीनी परीक्षण
मानसून की शुरुआत से पहले नौगढ़ तहसील प्रशासन ने संभावित आपदा से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। बांध में रिसाव, पानी का बढ़ता दबाव या आसपास के गांवों पर संकट जैसी स्थिति से निपटने के लिए 11 जून को नौगढ़ बांध पर विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास के जरिए प्रशासन अपनी आपदा प्रबंधन व्यवस्था का जमीनी परीक्षण करेगा।
कागजों से निकलकर मैदान में उतरेगी योजना
अक्सर आपदा प्रबंधन योजनाएं फाइलों तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन इस बार प्रशासन वास्तविक परिस्थितियों का अभ्यास कराएगा। मॉक ड्रिल के दौरान बांध में संभावित रिसाव और उससे उत्पन्न आपात स्थिति का दृश्य तैयार किया जाएगा। इसके बाद सभी संबंधित विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का प्रदर्शन करेंगे ताकि किसी वास्तविक संकट के समय प्रतिक्रिया में देरी न हो।
29 विभागों की संयुक्त टीम रहेगी मौजूद
उप जिलाधिकारी विकास मित्तल के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, वन, अग्निशमन, पूर्ति, शिक्षा, सिंचाई, विद्युत, लोक निर्माण, जल निगम और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सहित कुल 29 विभाग शामिल होंगे। इसके अलावा 11वीं बटालियन एनडीआरएफ, 36वीं वाहिनी पीएसी, होमगार्ड, प्रांतीय रक्षक दल और नागरिक सुरक्षा संगठन की टीमें भी अपने उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद रहेंगी।
सायरन बजेगा और शुरू होगा बचाव अभियान
मॉक ड्रिल के दौरान यह भी दिखाया जाएगा कि बांध में रिसाव की सूचना मिलने के बाद किस प्रकार आसपास के गांवों को सतर्क किया जाएगा। सायरन बजाकर अलर्ट जारी किया जाएगा और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों को निकालने, प्राथमिक उपचार देने तथा राहत शिविरों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा।
आधुनिक उपकरणों की होगी लाइव टेस्टिंग
आपदा प्रबंधन अभ्यास के दौरान लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय रिंग, स्ट्रेचर, सेफ्टी हेलमेट, मेगा फोन और इंसिडेंट कमांड पोस्ट जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाएगा। एनडीआरएफ की टीम आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौजूद रहेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस, जीवन रक्षक दवाओं और मेडिकल स्टाफ के साथ पूरी तरह तैयार रहेगा।
लेखपालों और राजस्व टीम को अहम जिम्मेदारी
आपदा की स्थिति में प्रभावित आबादी तक सबसे पहले पहुंचने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की होती है। इसी को देखते हुए तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और क्षेत्रीय लेखपालों की विशेष टीम गठित की गई है। लेखपाल संजय पासवान, मनीष सिंह, विपिन कुमार, विनय कुमार, संदीप सिंह और संतोष गुप्ता सहित अन्य कर्मचारी इस अभ्यास में भाग लेंगे।
जागरूकता भी बनेगी सुरक्षा की ढाल
प्रशासन का मानना है कि आपदा से बचाव केवल सरकारी मशीनरी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम लोगों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मॉक ड्रिल के बाद बांध और नदी किनारे रहने वाले लोगों को बाढ़ और आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। एसडीएम विकास मित्तल ने कहा कि आपदा के समय घबराहट नहीं, बल्कि तैयारी सबसे ज्यादा काम आती है। इसी उद्देश्य से सभी विभागों को एक मंच पर लाकर संयुक्त अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को न्यूनतम रखा जा सके।