प्रधान यशवंत सिंह की कोशिश लाई रंग: लौवारी कला गांव के 40 किसानों को DM के निर्देश पर मिली कृषि मिनी किट
चंदौली के नौगढ़ तहसील अंतर्गत लौवारी कला गांव में ग्राम प्रधान की पहल पर कृषि विभाग ने 40 किसानों को मुफ्त कृषि मिनी किट बांटी है। खरीफ सीजन से ठीक पहले मिले इन बीजों से किसानों में भारी खुशी है।
चालीस किसानों को मिली मिनी किट
प्रधान यशवंत सिंह यादव की सफल पहल
खरीफ सीजन के लिए मिले मुफ्त बीज
मिट्टी की ताकत बढ़ाएगा ढैंचा बीज
नौगढ़ के लौवारी कला की खबर
चंदौली जिले में खेती-किसानी में लगातार बढ़ती लागत, बाजार में मिलने वाले महंगे बीजों और घटते मुनाफे के दौर में क्या सरकारी सहायता अन्नदाताओं के लिए संजीवनी बन सकती है? चंदौली जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र नौगढ़ तहसील के लौवारी कला गांव से शुक्रवार को एक ऐसी ही उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है।
लौवारी कला गांव के पंचायत भवन में कृषि विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान गांव के 40 जरूरतमंद किसानों को कृषि मिनी किट का मुफ्त वितरण किया गया। खरीफ सीजन की शुरुआत से ठीक पहले मिली इस सरकारी मदद से स्थानीय किसानों को बड़ी राहत मिली है।
ग्राम प्रधान यशवंत सिंह की पहल पर डीएम ने लिया एक्शन
इस योजना का लाभ किसानों तक पहुंचने के पीछे स्थानीय जनप्रतिनिधि की सजगता रही है। दरअसल, लौवारी कला के ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव ने गांव के गरीब किसानों की व्यावहारिक समस्याओं और आर्थिक तंगी को देखते हुए चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की थी।
प्रधान ने जिलाधिकारी से गांव के किसानों के लिए सरकारी बीज उपलब्ध कराने का विशेष अनुरोध किया था। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग को तत्काल निर्देश जारी किए, जिसके बाद विभाग ने तत्परता दिखाते हुए गांव के 40 चयनित किसानों के लिए यह विशेष मिनी किट उपलब्ध कराई।
बीज के पैकेट के साथ मिली मिट्टी की सेहत सुधारने की सीख
पंचायत भवन में आयोजित इस कैंप में किसानों को भिंडी, उड़द, बाजरा और मक्का सहित विभिन्न प्रकार की नकदी व खाद्यान्न फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज वितरित किए गए। इसके साथ ही प्रत्येक किसान को 5 किलोग्राम ढैंचा का पैकेट भी दिया गया।
कृषि विशेषज्ञों ने इस दौरान किसानों को समझाया कि ढैंचा की फसल हरी खाद के रूप में मिट्टी की उर्वरा शक्ति को प्राकृतिक रूप से बढ़ाती है। इसके इस्तेमाल से खेतों में महंगे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण अनुकूल टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की लागत घटेगी।
इन पात्र लाभार्थियों को मिला लाभ, अन्य गांवों में भी उठी मांग
इस कृषि सहायता कार्यक्रम के तहत गांव के संतोष कुमार, सीताराम, शारदा, कैलाश, मनवा, बद्री, रामनरेश, अकली, दुर्गा, वीरेंद्र, नंदू और हेमनाथ सहित कुल 40 पात्र किसानों को सीधे लाभान्वित किया गया। बीज पाकर सभी किसानों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने इस प्रयास की सराहना की।
लौवारी कला गांव में हुआ यह सफल आयोजन केवल बीज बांटने की औपचारिकता नहीं था, बल्कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के भीतर प्रशासन के प्रति भरोसा जगाने की एक बेहतरीन कोशिश है। अब क्षेत्र के अन्य गांवों में भी ऐसी कृषि कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाने की मांग उठने लगी है।