1 लाख में 5 बीघा जमीन का लालच:  नौगढ़ में वन भूमि पर पट्टे व अवैध कब्जे के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी के मामले में FIR 

 

चंदौला के नौगढ़ में खुद को हाईकोर्ट का वकील बताने वाले शख्स ने ग्रामीणों को जंगल की जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी की। रेंजर अमित श्रीवास्तव की सख्ती के बाद इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।

 
 

पट्टा दिलाने के नाम पर अवैध वसूली

रेंजर अमित श्रीवास्तव ने खोली पोल

आरोपी सतीश मिश्रा पर मुकदमा दर्ज

50 हजार से 1 लाख तक की ठगी

जेसीबी चलने पर ग्रामीणों को हुआ शक

चंदौली जनपद के वनांचल क्षेत्र नौगढ़ में जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा कराने और फर्जी पट्टा दिलाने के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों से लाखों रुपये वसूलने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को इलाहाबाद हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताने वाले एक व्यक्ति ने गरीब मजदूरों को अपनी बातों के जाल में फंसाकर "एक लाख दो, पांच बीघा लो" जैसे लुभावने वादे किए। लेकिन जब वन विभाग का रोटावेटर चला, तो पट्टे के इस फर्जी खेल की हकीकत सामने आ गई।

हाईकोर्ट का वकील बनकर फैलाया ठगी का जाल
मामला तब तूल पकड़ा जब नौगढ़ के ग्रामीणों ने पुलिस को तहरीर देकर अपनी आपबीती सुनाई। आरोपी सतीश मिश्रा, जो खुद को उच्च न्यायालय का अधिवक्ता बताता है, पर आरोप है कि उसने मड़ई बनाकर रहने वाले गरीब ग्रामीणों को जंगल की जमीन का वैध पट्टा दिलाने का झांसा दिया। उसने ग्रामीणों से 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की वसूली की। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि उसकी पहुंच हाईकोर्ट तक है और वह वन भूमि पर उनके मालिकाना हक की कानूनी मुहर लगवा देगा।

"एक लाख दो, पांच बीघा जमीन लो" का फर्जी फॉर्मूला
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी ने एक निश्चित दर तय कर रखी थी। उसने कहा था कि 50 हजार रुपये देने पर एक बीघा और एक लाख रुपये देने पर पांच बीघा जमीन का पट्टा कानूनी तरीके से करा दिया जाएगा। जमीन की उम्मीद में कई परिवारों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लुटा दी, तो कुछ ने ब्याज पर पैसे लेकर आरोपी को सौंप दिए। आरोपी ने ग्रामीणों को यह कहकर जंगल में खेती करने के लिए उकसाया कि पहले कब्जा कर लो, बाद में वह पट्टा वैध करा देगा।

रेंजर अमित श्रीवास्तव की सख्ती ने खोला राज
इस पूरे गोरखधंधे की पोल तब खुली जब नौगढ़ के नए रेंजर अमित श्रीवास्तव ने कार्यभार संभालते ही वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक' शुरू की। जब विभाग की जेसीबी और रोटावेटर ने अवैध रूप से बोई गई फसलों को रौंदना शुरू किया, तब ग्रामीणों के होश उड़ गए। लोगों ने जब आरोपी अधिवक्ता से पट्टे के कागजात मांगे, तो वह टालमटोल करने लगा। रेंजर की इस कड़क कार्रवाई ने ग्रामीणों को यह अहसास करा दिया कि उन्हें कानूनी पट्टे के नाम पर ठगा गया है।

पुलिसिया कार्रवाई और रेंजर की चेतावनी
पीड़ितों की शिकायत पर नौगढ़ पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, रेंजर अमित श्रीवास्तव ने 'चन्दौली समाचार' के माध्यम से स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं जो जंगल की जमीन दिलाने का वादा करता हो। वन विभाग अब उन क्षेत्रों की भी पहचान कर रहा है जहाँ इस गिरोह के उकसावे पर वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था।