सरकार भरोसे नहीं, अब समाज बचाएगा नौगढ़ का जंगल; नोनवट गांव से शुरू हुई हरियाली की बड़ी मुहिम

 

चंदौली के नौगढ़ में जंगलों और बंजर पहाड़ों को दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए समाज खुद आगे आया है। सेव द अर्थ फाउंडेशन और ग्रामीणों ने 7 दिनों में 1 लाख सीड बॉल फेंकने का अनोखा संकल्प लिया है, जानिए कैसे बदलेगी तस्वीर।

 
 

नोनवट गांव से जनभागीदारी की अनोखी शुरुआत

7 दिनों में 1 लाख सीड बॉल का बड़ा लक्ष्य

चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता

विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गुरु प्रसाद रहे मुख्य अतिथि

बंजर जमीन और पहाड़ों को हरा-भरा बनाने का संकल्प

पहाड़, जंगल और बंजर जमीन को फिर से हरा-भरा बनाने की जिम्मेदारी अब सिर्फ सरकारी फाइलों और योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगी। चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील के नोनवट गांव से आम जनता ने खुद हरियाली की कमान अपने हाथों में संभाल ली है।

सेव द अर्थ फाउंडेशन के नेतृत्व में रविवार से एक अनोखा सात दिवसीय 'सीद बॉल' अभियान शुरू हुआ है। इस अभियान ने साफ संदेश दिया है कि पर्यावरण को बचाने का सपना तभी सच होगा, जब सरकार के साथ समाज भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा।

7 दिन में 1 लाख सीड बॉल का लक्ष्य

इस बड़े अभियान की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के गोवंश संरक्षण विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गुरु प्रसाद ने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता चकिया क्षेत्र के विधायक कैलाश आचार्य ने की। इस मुहिम के तहत अगले सात दिनों के भीतर एक लाख सीड बॉल (मिट्टी और खाद में लिपटे बीज) को बंजर, पहाड़ी और जंगली इलाकों में पहुँचाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।

प्रकृति बचेगी तो ही बचेगा हमारा भविष्य

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गुरु प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया के सामने पर्यावरण का संकट सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। पेड़ सिर्फ हमें ऑक्सीजन नहीं देते, बल्कि वे हमारे जीवन, पानी, जैव विविधता और गोवंश संरक्षण का असली आधार हैं। उन्होंने हर व्यक्ति से साल में कम से कम पांच पौधे लगाने और उन्हें पेड़ बनने तक पालने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रकृति की रक्षा करना ही हमारा असली राष्ट्र धर्म है।

नौगढ़ बनेगा हरित अभियान की नई मिसाल

क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य ने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि नोनवट गांव से शुरू हुई यह हरियाली की चिंगारी पूरे चकिया विधानसभा क्षेत्र के लिए एक मिसाल बनेगी। अगर हर गांव के लोग इसी तरह जागरूक होकर आगे आएं, तो नौगढ़ का पूरा जंगली इलाका और यहाँ का पर्यावरण बेहद मजबूत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सरकारी योजनाओं में जनता की भागीदारी जुड़ती है, तभी जमीन पर बड़ा और स्थायी बदलाव दिखाई देता है।

कम लागत में हरियाली लाने का शानदार मॉडल

सिद्धार्थ फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश सिंह और वरुण संस्था के महासचिव डॉ. एस.पी. सिंह ने बताया कि यह कम लागत में पर्यावरण बचाने का सबसे बेहतरीन मॉडल है। मिट्टी और खाद मिलाकर तैयार की गई इन सीड बॉल को पहाड़ों और बंजर जगहों पर डाला जाएगा। जैसे ही बारिश होगी, इनमें से प्राकृतिक रूप से नए पौधे उग आएंगे। वरुण संस्था के मोटिवेटर विजेंद्र कुमार ने सभी के सामने इस पूरे अभियान का खाका पेश किया।

इस मौके पर पर्यावरणविद् बलिराम सिंह उर्फ गोविंद सिंह, मंडल अध्यक्ष सर्वजीत सिंह खरवार, वरिष्ठ नेता देवेंद्र साहनी, बसंत केसरी सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर न सिर्फ पौधे लगाने बल्कि उनके जिंदा रहने तक उनकी देखभाल करने का भी पक्का संकल्प लिया।