नौगढ़ में वन विभाग की टीम पर हमला: अवैध बोरिंग रोकने गई टीम से भिड़े हरियाबांध प्रधान, मुकदमा दर्ज
चंदौली के नौगढ़ में आरक्षित वन भूमि पर अवैध बोरिंग पकड़ने गई वन विभाग की टीम पर ग्राम प्रधान अनिरुद्ध यादव और उनके समर्थकों ने हमला बोल दिया। गाली-गलौज और मारपीट के प्रयास के बाद पुलिस ने रेंजर की तहरीर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध बोरिंग का भंडाफोड़
वन विभाग की टीम को घेरकर गाली-गलौज
प्रधान अनिरुद्ध यादव समेत समर्थकों पर मुकदमा
सरकारी कार्य में बाधा डालने पर सख्त एक्शन
प्रधान के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच शुरू
जनपद चंदौली के तहसील नौगढ़ अंतर्गत आरक्षित वन क्षेत्र में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जयमोहनी रेंज के हरियाबांध बीट स्थित भैसोड़़ा (कंपार्टमेंट संख्या-18) में अवैध गतिविधियों को रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर स्थानीय ग्राम प्रधान ने अपने समर्थकों के साथ हमला कर दिया। इस घटना ने वन विभाग और पुलिस प्रशासन के बीच हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आधी रात को अवैध बोरिंग और टीम को घेराव
जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 की रात मुखबिर से सूचना मिली कि संरक्षित वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध बोरिंग का कार्य चल रहा है। रेंजर अमित श्रीवास्तव के निर्देश पर जब वन टीम मौके पर पहुंची, तो वहां हरियाबांध के प्रधान अनिरुद्ध यादव अपने 15-20 समर्थकों के साथ मौजूद थे। टीम ने जब मशीन को जब्त करने और बोरिंग रोकने का प्रयास किया, तो प्रधान और उनके साथियों ने आक्रामक रुख अपना लिया। आरोप है कि प्रधान के उकसाने पर समर्थकों ने वन कर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया, भद्दी-भद्दी गालियां दीं और उन्हें गाड़ी से खींचकर मारपीट करने की कोशिश की। माहौल इतना हिंसक हो गया कि टीम को अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा।
थाना चकरघट्टा में एफआईआर और साक्ष्यों का संकलन
वन विभाग ने इस घटना को सरकारी कार्य पर हमला और पर्यावरण के विरुद्ध अपराध मानते हुए तत्काल थाना चकरघट्टा में अनिरुद्ध यादव एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के दौरान बनाई गई वीडियो क्लिप और अन्य साक्ष्यों का सूक्ष्मता से परीक्षण किया जा रहा है। वीडियो में दिख रहे हर एक उपद्रवी की पहचान की जा रही है ताकि उन पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
आरोपी प्रधान का पुराना आपराधिक इतिहास
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी प्रधान अनिरुद्ध यादव का इतिहास विवादित रहा है। उनके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत पहले भी कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं। बार-बार चेतावनी और कार्रवाई के बावजूद आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों में उनकी संलिप्तता जारी है। प्रशासन अब उनकी पिछली गतिविधियों की भी फाइलें खोल रहा है।
वन विभाग की सख्त चेतावनी: जंगल में नहीं चलेगी दबंगई
वन क्षेत्राधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि "मारो-मारो" जैसे हिंसक नारे लगाकर टीम को डराने का प्रयास करने वाले दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस कार्रवाई से इलाके के वन माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप व्याप्त है। अब पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।