नौगढ़ में वनकर्मियों का हल्लाबोल: PCCF के आउटसोर्सिंग आदेश के खिलाफ बांधी काली पट्टी, जताया विरोध
नौगढ़ दुर्गा मंदिर पोखरा पर वनकर्मियों का प्रदर्शन
PCCF के 17 जुलाई 2026 के आदेश का विरोध
20-25 सालों से कार्यरत कर्मियों ने बांधी काली पट्टी
ठेकेदारी प्रथा से जंगल और वृक्षारोपण पर खतरा
DFO और DM को ज्ञापन सौंपेंगे वन कर्मचारी
चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के आउटसोर्सिंग वाले आदेश के खिलाफ वनकर्मियों का गुस्सा मंगलवार को सड़कों पर खुलकर सामने आया। न्यू दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने दुर्गा मंदिर पोखरे पर इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान वनकर्मियों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
क्या है पूरा मामला और विरोध की वजह?
उत्तर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा 17 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में वृक्षारोपण और वन विभाग के अन्य दैनिक कामों को आउटसोर्सिंग यानी ठेकेदारी प्रथा से कराने का प्रावधान किया गया है। इसी आदेश के सामने आने के बाद से ही सालों से सेवा दे रहे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी लामबंद हो गए हैं और इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं।
"हमने जंगल बचाया, अब हमें ठेकेदारों के हवाले मत करो"
प्रदर्शन के दौरान न्यू न्यूनतम दैनिक वेतन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने सरकार को चेताते हुए कहा कि जो कर्मचारी पिछले 20-25 सालों से अपनी जान जोखिम में डालकर जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा कर रहे हैं, आज सरकार उन्हें ठेकेदारों के हवाले करने जा रही है। यह सीधे तौर पर गरीब कर्मचारियों का शोषण है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महेंद्र यादव ने आगे कहा कि ठेकेदार सिर्फ अपना कमीशन देखेगा, जिससे वृक्षारोपण की गुणवत्ता खराब होगी और पूरे जंगल की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने मांग की कि सरकार इस काला फरमान को तुरंत वापस ले, वरना यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र होगा।
DFO और DM को सौंपा जाएगा ज्ञापन
संघ के संरक्षक रमाशंकर सिंह यादव ने कहा कि फिलहाल सभी कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को प्रभागीय कार्यालय रामनगर में DFO को मांग पत्र सौंपा जाएगा। इसके बाद इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात कर उन्हें भी ज्ञापन दिया जाएगा। संघ ने मांग की है कि अनुभवी कर्मियों को बाहर न किया जाए और आउटसोर्सिंग का फैसला निरस्त हो।
नारेबाजी से गूंज उठा दुर्गा मंदिर पोखरा
प्रदर्शन के दौरान वनकर्मियों के 'काला फरमान वापस लो' के नारों से पूरा पोखरा परिसर गूंज उठा। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि अगर उनकी जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो यह लड़ाई सिर्फ नौगढ़ तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसे पूरे प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा। इस मौके पर राजेश यादव, जिलाजीत यादव, हरपाल, राम निहोर, बाबू नंदन समेत बड़ी संख्या में वन कर्मचारी मौजूद रहे।