नौगढ़ में गैस पाइप लीकेज का कहर: धू-धू कर जली फास्ट फूड की दुकान, दुकानदार बुरी तरह झुलसा

 

चंदौली के नौगढ़ कस्बा बाजार में रविवार दोपहर गैस लीकेज के कारण एक फास्ट फूड दुकान में भीषण आग लग गई। हादसे में दुकानदार अनिल केसरी गंभीर रूप से झुलस गए और दुकान में रखा करीब 50 हजार का सामान जलकर राख हो गया।

 
 

गैस पाइप लीकेज से चंद मिनटों में राख हुई दुकान

चावल फ्राई बनाते समय अचानक भड़की भीषण आग

दुकानदार अनिल केसरी के हाथ और पीठ झुलसे

पड़ोसी काशीनाथ केसरी की सूझबूझ से बचीं अन्य दुकानें

करीब ₹50 हजार के नुकसान से रोजी-रोटी का संकट

चंदौली जनपद के तहसील नौगढ़ अंतर्गत कस्बा बाजार में रविवार दोपहर गैस पाइप की लीकेज ने भारी तबाही मचाई। दोपहर का समय था और भारतीय स्टेट बैंक के समीप स्थित फास्ट फूड की दुकान पर दुकानदार अनिल केसरी रोजमर्रा की तरह ग्राहकों के लिए चावल फ्राई तैयार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गैस पाइप से रिसाव शुरू हुआ और जब तक अनिल कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

देखते ही देखते आग की चपेट में आई पूरी दुकान
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही सेकंड में पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान का काउंटर, मसाले, खाद्यान्न सामग्री और अन्य कीमती सामान धू-धू कर जलने लगे। आसमान में उठते काले धुएं और आग की लपटों को देखकर बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

काशीनाथ ने दिखाई हिम्मत, वरना हो सकता था बड़ा धमाका
जिस समय आग विकराल रूप ले रही थी, बगल की दुकान पर बैठे कपड़ा व्यवसायी काशीनाथ केसरी ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने बिना देर किए बालू, पानी और मिट्टी के बोरों की मदद से आग पर प्रहार शुरू किया। स्थानीय लोगों के सहयोग और काशीनाथ की त्वरित सक्रियता के कारण आग को फैलने से रोका जा सका। यदि समय रहते ये प्रयास न होते, तो गैस सिलेंडर फटने से बाजार में बड़ा हादसा हो सकता था।

सब कुछ खत्म: दुकानदार झुलसा, रोजी-रोटी पर संकट
इस भीषण आगजनी में अनिल केसरी की मेहनत की कमाई राख हो गई। दुकान में रखा करीब ₹50,000 मूल्य का सामान, जिसमें काउंटर और राशन सामग्री शामिल थी, पूरी तरह नष्ट हो गया। अपनी दुकान को बचाने की कोशिश में अनिल केसरी के हाथ और पीठ बुरी तरह झुलस गए। उन्हें तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से प्राथमिक उपचार दिलाया गया।

दहशत में बाजार, सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद नौगढ़ बाजार में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। पीड़ित दुकानदार के लिए अब परिवार का भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह हादसा एक बार फिर सबक दे गया कि गैस उपकरणों की नियमित जांच कितनी अनिवार्य है। जिस दुकान से परिवार की रोजी-रोटी चलती थी, वह अब सिर्फ राख का ढेर बनकर रह गई है। स्थानीय व्यापारियों ने पीड़ित दुकानदार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।