नौगढ़ में सरकारी जमीन पर दबंगों का कब्जा: छुट्टी के दिन खड़े कर दिए पक्के मकान, ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप
चंदौली के हरियाबांध गांव में दबंगों द्वारा गांव सभा की कीमती जमीन पर अवैध रूप से पक्का मकान बनाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद स्थानीय अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय कब्जा दिला रहे हैं।
हरियाबांध गांव में अवैध पक्का निर्माण शुरू
छुट्टी के दिनों में तेजी से उठाई गई दीवारें
अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के पास कब्जा
ब्लॉक और तहसील के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के हरियाबांध गांव में गांव सभा की कीमती जमीन पर कुछ रसूखदार और दबंग लोगों द्वारा खुलेआम पक्का मकान बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जहां यह निर्माण हो रहा है, उसके ठीक बगल में पहले से ही सरकारी अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय बना हुआ है।
हरियाबांध गांव में अवैध पक्का निर्माण शुरू
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 21, 2026
छुट्टी के दिनों में तेजी से उठाई गई दीवारें
अन्नपूर्णा भवन और सामुदायिक शौचालय के पास कब्जा
ब्लॉक और तहसील के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप@dmchandauli @naugarhcdi @BDONaugarh @CMOfficeUP pic.twitter.com/nlcHUVP1PE
छुट्टी के दिनों में तेजी से चली दीवारें
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इस अवैध कब्जे को अंजाम देने के लिए खास रणनीति अपनाई गई। पिछले दो-तीन दिनों के भीतर, खासकर छुट्टी के दिनों का फायदा उठाते हुए यहां तेजी से राजगीर और मजदूर लगाकर पक्की दीवारें खड़ी कर दी गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जागरूक स्थानीय नागरिक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि काम कितनी तेजी से चल रहा है।
अधिकारियों की मिलीभगत से ग्रामीण परेशान
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर लगा है। गांव के लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध कब्जे को रुकवाने और हटाने के बजाय, पर्दे के पीछे से दबंगों को कब्जा दिलाने में मदद कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जिलाधिकारी से संज्ञान लेने की अपील
स्थानीय प्रशासन से निराश होकर अब ग्रामीणों ने मीडिया के जरिए अपनी आवाज उठाई है। लोगों को उम्मीद है कि मामला उजागर होने के बाद जिला स्तर के बड़े अधिकारी और जिलाधिकारी खुद इस प्रकरण का संज्ञान लेंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके पर फौरन जांच टीम भेजकर इस अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए और सरकारी जमीन को मुक्त कराते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।