नौगढ़ में शराब दुकान पर भारी बवाल: डीएम का आदेश दरकिनार कर ठेकेदारों के साथ पहुंचे आबकारी इंस्पेक्टर, महिलाओं ने खदेड़ा
शराब दुकान खोलने पर बड़ा बवाल
डीएम के आदेश की अनदेखी हुई
150 महिलाओं ने किया घेराव
गांव उजड़ने नहीं देंगे के नारे
बैरंग लौटी आबकारी विभाग की टीम
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ अंतर्गत जमसोती गांव में शराब की दुकान खोलने को लेकर गुरुवार को एक बार फिर बड़ा बवाल खड़ा हो गया। बुधवार को महिलाओं के प्रदर्शन के बाद डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने साफ निर्देश दिए थे कि एसडीएम और आबकारी विभाग मिलकर इस मामले की जांच करेंगे। लेकिन आबकारी इंस्पेक्टर रामकिशन पटेल इन आदेशों को दरकिनार कर अकेले ही शराब ठेकेदारों को साथ लेकर गांव पहुँच गए, जिससे ग्रामीण भड़क उठे।
महिलाओं ने दी चेतावनी- 'साहब गांव से निकल जाइए'
जैसे ही आबकारी इंस्पेक्टर और ठेकेदारों की टीम जमसोती गांव के भीतर दाखिल हुई, महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने टीम को आगे बढ़ने से साफ रोक दिया और खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि 'साहब, चुपचाप गांव से बाहर निकल जाइए।' महिलाओं का आरोप था कि यह कोई जांच नहीं बल्कि ठेकेदारों के साथ मिलकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
150 महिलाओं का घेराव, गूंजे 'गांव उजड़ने नहीं देंगे' के नारे
देखते ही देखते मौके पर करीब डेढ़ सौ महिलाओं की भारी भीड़ जुट गई और उन्होंने पूरी आबकारी टीम को चारों तरफ से घेर लिया। ठेकेदारों की मौजूदगी से गुस्साए ग्रामीणों ने "शराब की दुकान नहीं चाहिए" और "गांव उजड़ने नहीं देंगे" के जोरदार नारे लगाने शुरू कर दिए। माहौल इतना ज्यादा तनावपूर्ण हो गया कि अफसरों को बातचीत का मौका तक नहीं मिला और उन्हें उल्टे पैर वापस लौटना पड़ा।
अधिकारियों के तालमेल पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस पूरी घटना ने फील्ड स्तर पर प्रशासनिक तालमेल की पोल खोलकर रख दी है। जब जिलाधिकारी ने साफ कहा था कि एसडीएम और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से जाकर ग्रामीणों से बातचीत करेंगे, तो फिर आबकारी इंस्पेक्टर का अकेले ठेकेदारों को लेकर जाना समझ से परे है। फिलहाल जमसोती गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग इस बात पर अड़े हैं कि वे किसी भी कीमत पर यहां शराब का ठेका खुलने नहीं देंगे।