नौगढ़ के महुआ बाबा आश्रम में गूंजा 'जय श्रीराम', शिवधनुष भंग की सजीव झांकी देख झूम उठे हजारों वनवासी
चंदौली के नौगढ़ अंतर्गत जमसोती में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन संत दिलीप भारद्वाज ने मर्यादा और संस्कारों का बड़ा संदेश दिया। शिवधनुष भंग की भव्य झांकी के बीच हजारों वनवासी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
नौगढ़ के जमसोती में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
संत दिलीप भारद्वाज ने दिया मर्यादा का संदेश
शिवधनुष भंग और विवाह प्रसंग की सजीव झांकी
विधायक कैलाश आचार्य समेत कई दिग्गजों ने किया पूजन
वनवासी समाज में पहली बार हुआ ऐसा भव्य आयोजन
चंदौली जिले के वनांचल क्षेत्र नौगढ़ अंतर्गत जमसोती का महुआ बाबा आश्रम इन दिनों पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर है। गुरुवार को यहाँ चल रही श्रीराम कथा का चौथा दिन केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा देने वाले बड़े मंच का रूप ले लिया। कथा के मुख्य व्यास संत दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज के विचारों को सुनने के लिए दूर-दराज के इलाकों से हजारों श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।
राम के आदर्शों को जीवन में उतारना जरूरी
कथाव्यास संत दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने पंडाल में बैठे हजारों भक्तों को झकझोरते हुए एक बेहद मार्मिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि "रामकथा सुनकर केवल ताली बजाना ही काफी नहीं है। जब तक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के महान आदर्श हमारे अपने वास्तविक जीवन में नहीं उतरते, तब तक कथा सुनना अधूरा ही रह जाएगा।" संत का यह संदेश पूरे वनांचल क्षेत्र में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।
शिवधनुष भंग का समझाया असली मायना
कथा के दौरान महाराज श्री ने राम-सीता विवाह और शिवधनुष भंग के प्रसंग का बेहद सुंदर और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भक्तों को समझाया कि भगवान राम द्वारा शिवधनुष को तोड़ना केवल कोई शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर और विनम्रता की अहंकार पर सबसे बड़ी जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के समाज में जो भी तनाव, बिखराव और नैतिक संकट दिख रहा है, उसका एकमात्र समाधान श्रीराम के जीवन मूल्यों में ही समाया हुआ है।
सजीव झांकी देख झूम उठे वनवासी
कथा के दौरान जब मंच पर भगवान श्रीराम द्वारा शिवधनुष भंग करने और माता सीता को जयमाला पहनाने की मनमोहक व सजीव झांकी पेश की गई, तो पूरा पंडाल भावविभोर हो गया। बच्चों द्वारा दी गई इस शानदार प्रस्तुति को देखते ही पूरा महुआ बाबा आश्रम 'जय श्रीराम' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। हिनौताघाट, नरकटी, बहेलियां और पीतपुर जैसे तमाम सुदूर वनवासी गांवों से आए हजारों ग्रामीण इस अलौकिक पल को देखकर भक्ति में झूमने लगे।
दिग्गज नेताओं और अफसरों ने किया पोथी पूजन
इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ मुख्य अतिथियों के रूप में मौजूद क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य, बीजेपी जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, डॉ. गीता शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव और नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव ने पवित्र श्रीरामचरितमानस का विधि-विधान से पोथी पूजन कर किया। इस खास मौके पर चंद्रप्रभा के रेंजर अखिलेश दूबे, कैलाश प्रसाद जायसवाल, शिवरतन गुप्ता, संदीप गुप्ता 'आशु', विजयानंद द्विवेदी, महेंद्र सिंह और ईश्वरीय सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सामाजिक समरसता की नई मिसाल
कार्यक्रम के आयोजक व ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव ने बताया कि इस पिछड़े और सुदूर वनवासी समाज के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर श्रीराम कथा का आयोजन कराया जा रहा है। यह आयोजन न केवल लोगों की धार्मिक आस्था को बढ़ा रहा है, बल्कि समाज में ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और मजबूत भारतीय जीवन मूल्यों को एक नई और मजबूत पहचान दे रहा है।