'चलो चंदौली' का डबल एक्शन: नौगढ़ के बोझ और मरवटिया गांव पहुंचे अफसर, चौपाल में सुनीं जनसमस्याएं
"चलो चंदौली प्रशासन आपके द्वार" अभियान के तहत नौगढ़ के बोझ और मरवटिया गांव में जन चौपाल लगाई गई। अधिकारियों ने 8 विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और एक सप्ताह में निस्तारण का कड़ा अल्टीमेटम दिया।
चलो चंदौली प्रशासन आपके द्वार अभियान
नौगढ़ के दो गांवों में जनचौपाल
एक सप्ताह में शिकायत निस्तारण के निर्देश
राशन आवास और पेंशन की सुनवाई
गोदभराई और अन्नप्राशन का आयोजन
सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने से परेशान होने वाले ग्रामीणों के बीच इस बार खुद जिला प्रशासन और विभागीय अफसर पहुंच गए। "चलो चंदौली प्रशासन आपके द्वार" अभियान के तहत शुक्रवार को नौगढ़ विकासखंड के बोझ और मरवटिया गांव में एक साथ जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर विकास योजनाओं की हकीकत परखी और लोगों की समस्याएं सीधे सुनीं।
दो गांवों में एक साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
बोझ गांव के पंचायत भवन में एडीओ पंचायत उपेंद्र साहनी और पंचायत सचिव गुड्डू प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। वहीं दूसरी ओर, प्राथमिक विद्यालय मरवटिया में एडीओ समाज कल्याण सिद्धार्थ सिंह और पंचायत सचिव मनीष सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर जन चौपाल का शुभारंभ किया। इस चौपाल में स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, समाज कल्याण और बाल विकास समेत कुल आठ प्रमुख विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए थे।
"फोटो सेशन नहीं, एक हफ्ते में चाहिए नतीजे"
चौपाल को संबोधित करते हुए एडीओ समाज कल्याण सिद्धार्थ सिंह ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि यह अभियान सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए नहीं है, बल्कि गांव के हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना इसका मुख्य मकसद है। उन्होंने सभी विभागीय कर्मियों को सख्त हिदायत दी कि चौपाल में मिली हर एक शिकायत का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान होना चाहिए।
ग्रामीणों ने खुलकर रखीं अपनी बुनियादी समस्याएं
जन चौपाल में पहुंचे ग्रामीणों ने भी बिना किसी झिझक के अपनी समस्याओं का पिटारा अधिकारियों के सामने खोल दिया। लोगों ने राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन, गांव की जर्जर सड़कों, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े आवेदन सौंपे। अधिकारियों ने सभी प्रार्थना पत्रों को दर्ज कर संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के लिए सौंप दिया।
गोदभराई और अन्नप्राशन से बढ़ा खुशियों का माहौल
सरकारी चौपाल के बीच एक बेहद भावुक और सुखद दृश्य भी देखने को मिला। बाल विकास विभाग की टीम ने गांव की तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई और तीन नन्हे-मुन्ने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया। अधिकारियों ने बच्चों को खीर खिलाकर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की और महिलाओं को सही पोषण व मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारियां दीं।
अब एक हफ्ते के भीतर कार्रवाई का इंतजार
इस मौके पर डॉ. दिनेश, डॉ. नीरज, ग्राम पंचायत प्रशासक सुनीता, ब्रह्मा वनवासी, नीतू सिंह, कोमल गुप्ता, श्याम नंदन और रामनाथ कनौजिया सहित कई विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। अब पूरे गांव की नजरें प्रशासन के उस वादे पर टिकी हैं, जिसमें एक सप्ताह में समस्याओं को हल करने की बात कही गई है। अगर तय समय में काम हुआ, तो यह अभियान जिले में मिसाल साबित होगा।