नौगढ़ के लेड़हा जंगल में बाघ या शेर दिखने की चर्चा से दहशत, ग्रामीणों ने डर के मारे खेतों से बनाई दूरी
चन्दौली के नौगढ़ में लेड़हा गांव के पास जंगल में एक बड़ा वन्यजीव दिखने के दावे के बाद हड़कंप मच गया है। बाघ या शेर होने की चर्चाओं के बीच वन विभाग की टीम ने अलर्ट जारी कर जांच शुरू कर दी है।
लेड़हा के जंगल में दहशत
बड़े आकार का वन्यजीव दिखा
ग्राम प्रधान यशवंत सिंह ने दी सूचना
अकेले जंगल न जाने की अपील
रेंजर संजय श्रीवास्तव ने शुरू की जांच
चन्दौली जिले के नौगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले लेड़हा गांव के पास से आई एक खबर ने पूरे इलाके के ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कोइलरवा हनुमान मंदिर से लेकर डकही तक फैले घने जंगलों के बीच एक बहुत ही बड़े आकार के खूंखार वन्यजीव को घूमते हुए देखा है। इस दावे के बाद पूरे क्षेत्र में बाघ या शेर होने की चर्चाओं ने ऐसा जोर पकड़ा है कि लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।
प्रधान की सूचना पर मौके पर पहुंची टीम
लौवारी कला ग्राम पंचायत के सक्रिय ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव को जैसे ही ग्रामीणों द्वारा बड़ा जानवर देखे जाने की बात पता चली, उन्होंने बिना देर किए तुरंत वन विभाग को इसकी आधिकारिक सूचना दी। ग्राम प्रधान की बात को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की एक विशेष टीम तुरंत लेड़हा के जंगलों में पहुंची और पैरों के निशान (पगमार्क) सहित अन्य सबूतों को जुटाने के लिए गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचें: रेंजर
इस पूरे मामले को लेकर वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) नौगढ़ संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक वन विभाग की वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा कि ग्रामीणों ने वास्तव में किस वन्यजीव को देखा था।
दहशत इतनी कि आजीविका पर पड़ा असर
इस खूंखार जानवर की चर्चा के बाद लेड़हा और आसपास के गांवों में दहशत का ऐसा माहौल है कि लोगों ने जंगल की तरफ जाना बिल्कुल बंद कर दिया है। ग्रामीण अब मवेशियों के लिए चारा लाने, सूखी लकड़ियां बीनने और अपने खेतों में काम करने के लिए भी बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। वन विभाग ने एहतियात के तौर पर लोगों को अकेले सुनसान रास्तों पर न जाने, सुबह-शाम विशेष सतर्कता बरतने और बच्चों को घरों के भीतर रखने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही, वन कर्मियों की गश्त बढ़ाकर पूरे इलाके की निगरानी और तेज कर दी गई है।