24 जून को होनी थी बेटी की शादी, न्योते बटने के बीच प्रेमी संग भागी युवती; थाने पहुंची पंचायत तो बदला फैसला
24 जून को तय थी शादी
प्रेमी संग घर से भागी युवती
रात में गश्ती पुलिस ने पकड़ा
थाने में घंटों चली पारिवारिक पंचायत
अंत में मंदिर में हुआ विवाह
चंदौली जिले के अंतर्गत आने वाले तहसील नौगढ़ में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। क्षेत्र के एक घर में जहां आगामी 24 जून को बेटी की शादी की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थीं, रिश्तेदारों को न्योते भेजे जा रहे थे और माता-पिता अपनी लाडली की विदाई के सुंदर सपने बुन रहे थे, वहीं ऐन वक्त पर उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। बेटी ने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ जाकर अपनी जिंदगी का एक अलग ही फैसला कर लिया।
प्रेमी के साथ घर से फरार हुई युवती
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नौगढ़ क्षेत्र की रहने वाली युवती (काल्पनिक नाम अंजली) का विवाह परिवार ने 24 जून को तय किया था। पूरा परिवार शादी की खरीदारी और तैयारियों में व्यस्त था, लेकिन अंजली का मन इस शादी के लिए राजी नहीं था। उसने अपने प्रेमी (काल्पनिक नाम रवि) के साथ मिलकर घर छोड़ने की एक गुप्त योजना बनाई। योजना के अनुसार, दोनों चुपके से घर से निकल गए और कहीं दूर जाकर एक नई जिंदगी की शुरुआत करने की तैयारी में थे।
गश्त कर रही पुलिस ने रास्ते में रोका
रात के सन्नाटे में अंजली और रवि कहीं दूर भागने के इरादे से किसी वाहन की तलाश में आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान नौगढ़ थाना क्षेत्र में मुस्तैदी से गश्त कर रही स्थानीय पुलिस की नजर इस संदिग्ध जोड़े पर पड़ गई। असमय सड़क पर घूमते देख पुलिस ने जब दोनों को रोककर कड़ी पूछताछ की, तो पूरा मामला संदेहास्पद लगा। इसके बाद पुलिस दोनों को सुरक्षात्मक दृष्टि से थाने ले आई, जहां पूछताछ में प्रेम प्रसंग और तय शादी का पूरा सच उजागर हो गया।
थाने में आमने-सामने हुए फैसले और सपने
पुलिस की सूचना पर आधी रात को ही दोनों पक्षों के रोते-बिलखते परिजन नौगढ़ थाने पहुंचे। थाने का नजारा बेहद भावुक था; एक तरफ वे माता-पिता थे जिनके सपने टूट चुके थे, और दूसरी तरफ अपनी जिद पर अड़ी वह युवती थी जिसने अपना हमसफर चुन लिया था। घंटों तक चली मान-मनौव्वल और सामाजिक दुहाई के बाद भी अंजली अपने फैसले से टस से मस नहीं हुई। उसने दोटूक शब्दों में साफ कह दिया कि वह बालिग है और केवल रवि के साथ ही अपनी आगे की जिंदगी बिताना चाहती है।
पंचायत रही बेनतीजा, मंदिर में रचाई शादी
थाने परिसर में हुई लंबी पंचायत के बाद जब माता-पिता और समाज के प्रबुद्ध लोगों को यह अहसास हो गया कि दोनों बालिग हैं और कानूनी रूप से साथ रहने का अधिकार रखते हैं, तो विवाद को बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्ण रास्ता चुना गया। इसके बाद प्रेमी जोड़ा पास के ही एक प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर पहुंचा। वहां दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर शादी की रस्में पूरी कीं। इस तरह 24 जून की तय शादी हमेशा के लिए टूट गई और दोनों ने अपने रिश्ते को सामाजिक पहचान दे दी।