नौगढ़ के महुआ बाबा धाम में गूंजे सोहर: श्रीराम जन्म का प्रसंग सुन झूम उठे श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा पूरा पंडाल
चंदौली के नौगढ़ स्थित महुआ बाबा सेवा आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। वृंदावन के कथावाचक ने राम जन्म का ऐसा अद्भुत प्रसंग सुनाया कि श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूम उठे।
महुआ बाबा आश्रम में श्रीराम कथा का तीसरा दिन
वृंदावन के दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने सुनाई कथा
भगवान राम के जन्म पर महिलाओं ने गाए सोहर
महंत गोविंद श्रीवास्तव ने कराया विधिवत पोथी पूजन
बच्चों को रामायण के संस्कार देने की अपील
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील में स्थित महुआ बाबा सेवा आश्रम इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। यहाँ आयोजित हो रही भव्य श्रीराम कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा पंडाल में अद्भुत नजारा देखने को मिला। वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्म का पावन प्रसंग सुनाया, वहाँ मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
जयकारों और सोहर से गूंज उठा पंडाल
कथावाचक ने जैसे ही प्रभु श्रीराम के धरा पर अवतरण का सजीव वर्णन किया, वैसे ही पूरा पंडाल "जय श्रीराम" के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस पावन मौके पर पंडाल में मौजूद महिलाओं ने पारंपरिक सोहर और मंगलगीत गाकर रामलला का स्वागत किया। भक्तगण अपने स्थान पर खड़े होकर खुशी से झूमने और नाचने लगे। पूरा माहौल ऐसा लगा मानो साक्षात अयोध्या धाम बन गया हो।
पोथी पूजन के साथ हुआ दिव्य शुभारंभ
इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत सतुवा बाबा आश्रम के महंत गोविंद श्रीवास्तव के पावन सान्निध्य में हुई। विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पोथी पूजन संपन्न कराया। इसके बाद व्यासपीठ से कथा वाचक ने राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ, माता कौशल्या की ममता और देवताओं द्वारा की गई पुष्पवर्षा का बहुत ही सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में राम के आदर्श होते हैं, वहाँ हमेशा प्रेम और अनुशासन रहता है।
घर-घर में राम होंगे, तभी समाज बचेगा
कथा के दौरान महाराज ने आज के बदलते दौर पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ते बिखराव और संस्कारों की कमी के बीच श्रीराम का जीवन ही हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। महाराज ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा ही न दें, बल्कि रामायण के संस्कार भी सिखाएं। जब हर घर में मर्यादा और संस्कार लौटेंगे, तभी समाज का कल्याण होगा।
भव्य आरती के बाद बंटा प्रसाद
दिन की कथा के समापन पर भगवान श्रीराम की भव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें नौगढ़ क्षेत्र के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के बाद सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्य और प्रधान यशवंत सिंह यादव ने बताया कि कथा के अगले प्रसंगों को सुनने के लिए आगे के दिनों में भी बड़ी संख्या में भक्तों के जुटने की उम्मीद है।