नौगढ़ के मझगाईं गांव में बाथरूम के लोहे के गेट में उतरा करंट, 65 वर्षीय वृद्धा झुलसी

 

चंदौली के नौगढ़ तहसील अंतर्गत मझगाईं गांव में बाथरूम के लोहे के गेट में उतरे करंट की चपेट में आने से 65 वर्षीय मीना देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजनों ने सीएचसी नौगढ़ पहुंचाया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।

 
 

लोहे के गेट में उतरा बिजली का करंट

नौगढ़ के मझगाईं गांव में दर्दनाक हादसा

झुलसी वृद्ध महिला जिला अस्पताल रेफर

बेटे ने डंडे से बचाई मां की जान

बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील अंतर्गत मझगाईं गांव से एक बेहद खौफनाक खबर सामने आई है। घर के बाथरूम के लोहे वाले गेट में करंट उतरने से 65 साल की एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से झुलस गईं। हादसे के तुरंत बाद परिजनों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। फिलहाल महिला की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

लोहे के दरवाजे को छूते ही लगा जोरदार झटका
जानकारी के अनुसार, मझगाईं गांव की रहने वाली मीना देवी (65) दोपहर के समय अपने घर के बाथरूम में गई थीं। जब वह बाहर निकलने लगीं, तभी गेट के नीचे से गुजर रहे बिजली के तार की चपेट में उनका हाथ आ गया। बताया जा रहा है कि तार में काफी समय से लीकेज था, जिसकी वजह से पूरे लोहे के गेट में हाई वोल्टेज करंट फैला हुआ था। जैसे ही मीना देवी ने गेट छुआ, वह करंट की चपेट में आकर वहीं चिपक गईं।

चीख सुनकर दौड़ा बेटा, लकड़ी के डंडे से छुड़ाया
मां की दर्दनाक चीख सुनकर उनका बेटा प्रेम नारायण तुरंत मौके पर पहुंचा। स्थिति को समझते हुए उसने सूझबूझ दिखाई और लकड़ी के डंडे की मदद से किसी तरह मां को करंट के चंगुल से अलग किया। हालांकि, तब तक करंट की वजह से मीना देवी के दोनों हाथ काफी बुरी तरह झुलस चुके थे। परिजन बिना देरी किए उन्हें निजी गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगढ़ ले गए।

सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर
सीएचसी नौगढ़ में तैनात डॉ. सिद्धार्थ शंकर पाठक ने तुरंत महिला का प्राथमिक इलाज शुरू किया। हालांकि, शरीर पर गंभीर चोटों और गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इधर घटना के बाद गांव के लोगों में खासा गुस्सा देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के तार में लीकेज की शिकायत विभाग से कई बार की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।