नौगढ़ में पिता की डांट से आहत किशोरी ने खाया ज़हर, अस्पताल में मची अफरा-तफरी

चंदौली के नौगढ़ कस्बे में एक किशोरी ने पिता की डांट से नाराज होकर चूहा मारने की दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों के अथक प्रयास से उसकी जान बचाई जा सकी।

 

नौगढ़ कस्बे में पारिवारिक कलह का मामला

पिता की डांट से आहत हुई किशोरी

चूहा मारने की दवा खाने से बिगड़ी हालत

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया भर्ती

समय पर इलाज मिलने से बची जान

चंदौली जिले के नौगढ़ कस्बे में पारिवारिक नाराजगी के चलते एक किशोर उम्र की लड़की द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का मामला सामने आया है। यहाँ एक 15 वर्षीय किशोरी ने पिता की सामान्य डांट से आहत होकर घर में रखी चूहा मारने की दवा (मूस मारने की दवा) खा ली। गनीमत रही कि परिजनों को समय रहते इसकी भनक लग गई और उसे अस्पताल पहुँचाया गया।

डांट बनी जान की दुश्मन
जानकारी के अनुसार, कस्बा नौगढ़ निवासी 15 वर्षीय किशोरी को किसी बात को लेकर उसके पिता ने फटकार लगा दी थी। पिता की इस डांट को वह सहन नहीं कर पाई और गुस्से में आकर घर के एक कोने में रखी जहरीली दवा का सेवन कर लिया। कुछ ही देर में किशोरी को चक्कर, घबराहट और तेज पसीना आने लगा। शुरुआत में उसने परिजनों से बात छिपाई, लेकिन हालत बिगड़ने और बेहोश होने पर घर में हड़कंप मच गया।

डॉक्टरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
परिजनों ने बिना देरी किए किशोरी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नौगढ़ में भर्ती कराया। यहाँ तैनात डॉक्टर नागेंद्र कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन इलाज शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी के शरीर से जहर के असर को निकाला गया। डॉक्टर नागेंद्र ने बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण किशोरी की जान बच गई है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और संवाद की कमी जैसे मुद्दों पर चिंता बढ़ा दी है।