'या हुसैन' की सदाओं से गूंजा नौगढ़, गंगा-जमुनी तहजीब के साथ निकला मोहर्रम का ताजिया
चन्दौली के नौगढ़ कस्बे में मोहर्रम का ताजिया जुलूस अकीदत और भाईचारे के साथ निकाला गया। इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए लोगों ने मातम किया। प्रशासन की कड़ी मुस्तैदी के चलते पूरा आयोजन बेहद शांतिपूर्ण रहा।
नौगढ़ में निकला मोहर्रम का ताजिया
या हुसैन की सदाओं से गूंजा कस्बा
करबला के शहीदों को दी खिराज-ए-अकीदत
एसडीएम और सीओ खुद रहे मुस्तैद
आपसी भाईचारे की मिसाल बनी परंपरा
चन्दौली जिले के नौगढ़ कस्बे में मोहर्रम का पवित्र ताजिया जुलूस बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से निकाला गया। इस दौरान पूरा इलाका "या हुसैन" के नारों और गमगीन सदाओं से गूंज उठा। अकीदतमंदों ने करबला के शहीदों को याद करते हुए उन्हें अपनी सच्ची श्रद्धाजंलि (खिराज-ए-अकीदत) पेश की।
करबला के शहीदों की कुर्बानी को किया याद
मोहर्रम के इस खास मौके पर लोगों ने पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की करबला के मैदान में दी गई महान कुर्बानी को शिद्दत से याद किया। जुलूस में शामिल लोगों ने मातम मनाकर इंसानियत, सच्चाई, न्याय और हक के लिए दी गई इस ऐतिहासिक शहादत को नमन किया।
सड़क पर मुस्तैद रहा भारी पुलिस बल
ताजिया जुलूस को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखाई दिया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विनय कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी (सीओ) नरेंद्र कुमार रावत लगातार पूरे रूट पर घूम-घूमकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। अफसरों की इस सक्रियता से हर जगह अनुशासन बना रहा।
चप्पे-चप्पे पर तैनात रही सुरक्षा टीमें
सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए थाना प्रभारी प्रमोद कुमार यादव, कस्बा इंचार्ज अभय सिंह, रमेशचंद्र भारती, सुभाष कुमार गौतम और परशुराम सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे। अधिकारियों ने रूट पर पैनी नजर बनाए रखी और मातहतों को समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
भाईचारे और कौमी एकता की दिखी मिसाल
स्थानीय नागरिकों के पूरे सहयोग और पुलिस प्रशासन की पैनी सतर्कता के कारण ताजिया जुलूस सांप्रदायिक सौहार्द के बीच संपन्न हुआ। इस पूरे आयोजन के दौरान नौगढ़ में आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहद खूबसूरत और मजबूत तस्वीर देखने को मिली।
समिति के पदाधिकारियों ने संभाली कमान
इस पूरे धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मोहर्रम जुलूस समिति के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन, उपाध्यक्ष नियाज़ अंसारी और कोषाध्यक्ष सलीम अली ने मुख्य भूमिका निभाई। उनके साथ अफताब शम्सी, यासीन, सलमान, निहाल, बबलू, हैदर, शमशाद अली, इमरान अंसारी, चैन बाबू और अतहर सहित तमाम पदाधिकारी लगातार सक्रिय रहे।