नौगढ़ में युवक मुलायम को जहरीले सांप ने काटा, परिजनों की सूझबूझ और सीएचसी में तुरंत इलाज से बची जान

 

चंदौली के नौगढ़ में बरसात के मौसम के बीच सर्पदंश की घटना सामने आई है, जहाँ युवक मुलायम को जहरीले सांप ने डंस लिया। अंधविश्वास में पड़े बिना परिजन तुरंत मरीज को सीएचसी नौगढ़ ले गए, जहाँ डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई से उसकी जान बच गई।

 
 

नौगढ़ में युवक को जहरीले सांप ने काटा

अंधविश्वास छोड़ तुरंत अस्पताल पहुंचे परिजन

डॉ. चंद्रा ने एएसवी लगाकर बचाई जान

सर्पदंश में झाड़-फूंक न कराने की अपील

समय पर सही फैसला बनने लगा जीवनरक्षक

चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में बरसात का मौसम शुरू होते ही जहरीले सांपों का खतरा अचानक बढ़ गया है। इसी दौरान क्षेत्र के रहने वाले युवक मुलायम को सुबह के समय एक बेहद जहरीले सांप ने काट लिया। सांप के डंसते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और युवक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।

अंधविश्वास छोड़ तुरंत अस्पताल भागे परिजन
घटना की खबर मिलते ही मुलायम की मां और भाई घबराए नहीं, बल्कि उन्होंने सूझबूझ से काम लिया। तंत्र-मंत्र, ओझा-गुनी या झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वास में समय गंवाने के बजाय परिजनों ने तुरंत एक निजी वाहन का इंतजाम किया। वे बिना एक मिनट गंवाए मरीज को लेकर सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगढ़ पहुंचे। परिजनों का यही फैसला युवक के लिए जीवनदान बन गया।

डॉक्टरों ने एएसवी लगाकर बचाई जान
सीएचसी नौगढ़ में ड्यूटी पर तैनात डॉ. चंद्रा ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिना देर किए तुरंत इलाज शुरू कर दिया। जहर के असर को काटने के लिए मुलायम को तुरंत एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) के दो इंजेक्शन दिए गए। सही समय पर दवा मिलने से मुलायम की हालत में सुधार आ गया। फिलहाल उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है।

अंधविश्वास में न गंवाएं समय: डॉ. अवधेश सिंह
सीएचसी नौगढ़ के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह ने आम जनता से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय बिल्कुल बर्बाद न करें। सांप काटते ही मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर आएं। सभी सरकारी अस्पतालों में एएसवी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहता है और समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान आसानी से बचाई जा सकती है।

'चंदौली समाचार' की बात
बरसात के दिनों में नौगढ़ के जंगलों और ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश के मामले अक्सर बढ़ जाते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को गांवों में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए, ताकि लोग अंधविश्वास छोड़ सीधे अस्पताल का रुख करें। मुलायम के परिवार की तरह सही समय पर लिया गया एक फैसला किसी भी परिवार को बड़े हादसे से बचा सकता है।