नौगढ़ के जंगल में करंट से करता था नीलगाय का शिकार, रेंजर अमित श्रीवास्तव की टीम ने ऐसे दबोचा
नौगढ़ के जयमोहनी रेंज में करंट का जाल बिछाकर नीलगाय का शिकार करने वाले गिरोह के एक सदस्य को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। मौके से मृत नीलगाय बरामद हुई है और पूछताछ में मांस कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
नौगढ़ में करंट से शिकार करने वाला गिरफ्तार
भैसौड़ा कंपार्टमेंट से मृत नीलगाय बरामद
रेंजर अमित श्रीवास्तव की टीम की कार्रवाई
वन्य जीवों के मांस कारोबार का खुलासा
फरार शिकारी साथियों की तलाश हुई तेज
बेजुबान वन्य जीवों का शिकार करने वाले गिरोह के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर वाराणसी के तहत जयमोहनी रेंज के भैसौड़ा कंपार्टमेंट 18 में नीलगाय का शिकार कर रहे गिरोह का एक सदस्य वन विभाग के बिछाए जाल में फंस गया। मौके से करंट लगने से मरी नीलगाय बरामद हुई है, वहीं पूछताछ में कई अन्य शिकारियों और मांस बेचने के नेटवर्क का भी बड़ा खुलासा हुआ है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी
वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव को बुधवार शाम सूचना मिली कि हरियाबांध बीट के जंगल में करंट का तार बिछाकर नीलगाय और अन्य वन्य जीवों के शिकार की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही जयमोहनी और पोस्ता वन चौकी की टीम को अलर्ट कर जंगल की घेराबंदी कराई गई। रात करीब 10 बजे टीम ने जब दबिश दी, तो उदितपुर सुर्रा निवासी मुरारी यादव करंट का तार जोड़ता मिला। वनकर्मियों ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा।
करंट के जाल से गई नीलगाय की जान
पकड़े गए शिकारी के कब्जे से कुछ ही दूरी पर एक नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली। शुरुआती जांच में करंट लगने से मौत की आशंका पर पशुपालन विभाग की मोबाइल टीम को बुलाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में करंट लगने से ही मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद वन विभाग ने नियमानुसार जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर मृत नीलगाय का अंतिम संस्कार कराया।
पूछताछ में खुला मांस कारोबार
गिरफ्तार आरोपी मुरारी यादव ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अपने 2-3 अन्य साथियों के साथ मिलकर जंगल में जानवरों का शिकार करता था। उसने यह भी बताया कि शिकार किए गए वन्य जीवों के मांस के खरीदार पहले से तय रहते थे। इस बड़े खुलासे के बाद वन विभाग की टीम अब पूरे गिरोह और मांस खरीदारों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है।
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया जा रहा है। फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जयमोहनी रेंज में अवैध शिकार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेंजर ने आम जनता से भी अपील की है कि जंगल में कहीं करंट का तार दिखे तो तुरंत सूचना दें, सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।