नौगढ़ में पुलिस का बड़ा एक्शन: जंगलों में सघन कांबिंग के साथ ग्रामीणों को 1930 और 112 नंबर की दी जानकारी

चंदौली के नौगढ़ में पुलिस और क्यू.आर.टी. टीम ने ग्राम अमदहा व भरदुवा के जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन और कांबिंग अभियान चलाया। इसके साथ ही ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव और आपातकालीन नंबरों की जानकारी दी गई।

 

नौगढ़ पुलिस और क्यूआरटी की कांबिंग

अमदहा और भरदुवा के जंगलों में सर्च

ग्रामीणों के साथ पुलिस का सीधा संवाद

1930 साइबर हेल्पलाइन के प्रति जागरूकता

भयमुक्त वातावरण और सुरक्षा का भरोसा

जनपद चंदौली में जन-सुरक्षा को मजबूत करने और पूर्व की नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार अलर्ट नजर आ रहा है। इसी क्रम में 6 अक्टूबर 2026 को क्षेत्राधिकारी नौगढ़ श्री देवेंद्र कुमार के कुशल नेतृत्व में नौगढ़ पुलिस और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) द्वारा संयुक्त रूप से बड़ा चेकिंग अभियान चलाया गया।

दुर्गम पगडंडियों और छिपने के स्थानों की ली गई तलाशी
सुरक्षा उपकरणों से लैस पुलिस और क्यू.आर.टी. की टीम ने ग्राम अमदहा और भरदुवा के आसपास के बेहद दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, पगडंडियों और संभावित छिपने वाले स्थानों पर सघन कांबिंग की। इस सर्च ऑपरेशन का मुख्य मकसद क्षेत्र में किसी भी संभावित संदिग्ध गतिविधि को रोकना और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त रखना है।

ग्रामीणों से सीधा संवाद और चौपाल का आयोजन
जंगलों में तलाशी अभियान पूरा करने के बाद पुलिस टीम ने दोनों गांवों में पैदल गश्त की और चौपाल लगाकर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद कायम किया। क्षेत्राधिकारी नौगढ़ और थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने युवाओं व बुजुर्गों से गांव की सुरक्षा व कानून-व्यवस्था का हाल जाना। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल है।

ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट से बचने की दी सलाह
जन-संवाद के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रहने के तरीके बताए। पुलिस ने लोगों को चेताया कि वे ओटीपी, एटीएम पिन, फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी ऐप या लिंक के झांसे में बिल्कुल न आएं। किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सख्त सलाह दी गई।

आपातकालीन नंबरों और सुरक्षा अलर्ट की जानकारी
पुलिस ने ग्रामीणों को आपात स्थिति में तुरंत सहायता पाने के लिए '112' नंबर और साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल '1930' पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। इसके साथ ही क्षेत्राधिकारी नौगढ़ ने अपील की कि गांव या जंगल के आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु के दिखाई देने पर पुलिस को तुरंत सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।