4 दिन से अंधेरे में 200 घर, 36 गांवों में पानी का संकट; चकरघट्टा उपकेंद्र पर 24 घंटे में ताला लगाने का अल्टीमेटम

चंदौली के नौगढ़ में चकरघट्टा उपकेंद्र की 'टाली' खराब होने से 200 घर 4 दिन से अंधेरे और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। बेहाल लोग नाले का पानी पीने को मजबूर हैं। समाधान न होने पर ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर तालाबंदी की चेतावनी दी है।

 

नौगढ़ के 200 घरों में चार दिन से अंधेरा

चकरघट्टा उपकेंद्र की खराब टाली ने बढ़ाई आफत

नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर वनवासी

भैसौड़ा स्वतंत्र फीडर से ठप हुई पेयजल सप्लाई

24 घंटे में चकरघट्टा उपकेंद्र पर तालाबंदी की चेतावनी

चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। चकरघट्टा उपकेंद्र से जुड़े भैसौड़ा फीडर की 'टाली' पिछले चार दिनों से खराब पड़ी है। न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही इसे बदला गया। इसके चलते बिजली गुल हो गई और पेयजल पंप पूरी तरह बंद पड़ गए। भैसौड़ा और जरहर पंचायत के करीब 200 घर अंधेरे और भीषण पेयजल संकट की चपेट में आ गए हैं।

नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर हुए जरहर के वनवासी
सबसे भयावह स्थिति जरहर की वनवासी बस्ती की है। नल और सरकारी पेयजल पंप बंद होने के कारण पेयजल का कोई विकल्प नहीं बचा है। प्यास बुझाने के लिए स्थानीय लोग नाले का दूषित पानी पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दूषित पानी पीने से कोई बीमारी फैलती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? लगातार शिकायतों के बाद भी विभाग की नींद नहीं टूट रही है।

सरकारी कॉलोनी तक में अंधेरा
भैसौड़ा एक स्वतंत्र फीडर है, जिससे जुड़े करीब 36 गांवों की पानी की आपूर्ति बिजली पर ही निर्भर है। बिजली जाते ही पानी, सिंचाई और स्थानीय कारोबार पूरी तरह ठप हो गए हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित है और मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति यह है कि नौगढ़ भेड़ा फार्म की सरकारी कॉलोनी भी चार दिन से बिना बिजली के है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकारी कॉलोनी तक की सुध नहीं ली जा रही, तो आम जनता किसके भरोसे है?

24 घंटे बाद ताला लटकाने की चेतावनी
ग्रामीणों का आरोप है कि चार दिन से लगातार अधिकारियों और हेल्पलाइन पर शिकायत के बावजूद सिर्फ "काम हो रहा है" का रटा-रटाया जवाब मिल रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए प्रधान प्रतिनिधि अशोक यादव ने साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो ग्रामीण चकरघट्टा उपकेंद्र पर ताला बंद कर उग्र आंदोलन करेंगे।