नौगढ़ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की धूम: रेंजर अमित श्रीवास्तव ने महिला वनकर्मियों को किया सम्मानित

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नौगढ़ के जयमोहनी रेंज में एक प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया। रेंजर अमित श्रीवास्तव ने महिला वनकर्मियों के साहस और समर्पण को सराहते हुए उन्हें सम्मानित किया और विभागीय स्तर पर हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

 
 

जयमोहनी रेंज में महिला शक्ति का सम्मान

रेंजर अमित श्रीवास्तव की अनूठी पहल

वन संरक्षण में महिलाओं की बढ़ती भूमिका

महिला वनकर्मियों का बढ़ा आत्मविश्वास और मनोबल

बाघी पौधशाला में भव्य सम्मान समारोह

चंदौली जिले मेंअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनपद के तहसील नौगढ़ में एक अत्यंत प्रेरक और गौरवशाली दृश्य देखने को मिला। जयमोहनी रेंज स्थित बाघी पौधशाला में आयोजित एक गरिमामय समारोह में वन विभाग की महिला प्रहरियों को उनके साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) अमित कुमार श्रीवास्तव की इस संवेदनशील पहल ने न केवल महिला वनकर्मियों का मान बढ़ाया, बल्कि पूरे विभाग में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है।

रेंजर की आत्मीयता ने जीता दिल
समारोह के दौरान सबसे खास बात रेंजर अमित कुमार श्रीवास्तव का व्यवहार रहा। उन्होंने प्रोटोकॉल से इतर महिला वनकर्मियों को अपने साथ ससम्मान बैठाकर उनका अभिनंदन किया। क्षेत्राधिकारी ने उन्हें अपने बीच स्थान देकर यह स्पष्ट किया कि विभाग में महिला कर्मियों का पद और कार्य किसी भी मायने में कम नहीं है। यह आत्मीयता भरा दृश्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बना रहा और वहां उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

साहस और धैर्य को किया नमन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नारी शक्ति का पर्याय धैर्य, सहनशीलता और त्याग है। उन्होंने कहा, "जिस प्रकार एक मां घर को संभालती है, उसी साहस के साथ हमारी महिला वनकर्मी दुर्गम जंगलों और प्रकृति की रक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रही हैं। उनका समर्पण वन संरक्षण की कड़ी को और भी मजबूत बनाता है।" रेंजर ने वन सुरक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को विभाग के लिए शुभ संकेत बताया।

समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
महिला कर्मियों से सीधा संवाद करते हुए रेंजर ने उन्हें एक अभिभावक की तरह भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान यदि किसी भी प्रकार की सुरक्षात्मक या व्यक्तिगत समस्या आती है, तो वे बिना किसी संकोच के अपनी बात रखें। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि दुख बांटने से कम होता है और समाधान की राह भी निकलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे महिला कर्मियों के आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा चट्टान की तरह खड़े रहेंगे।

सम्मान पाकर खिले महिला वनकर्मियों के चेहरे
इस सम्मान समारोह से अभिभूत महिला वनकर्मियों ने रेंजर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मान से उनकी कार्यक्षमता और मनोबल में कई गुना वृद्धि हुई है। महिला प्रहरियों ने विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी पूरी निष्ठा के साथ विभाग की गरिमा को बनाए रखेंगी।

सम्मानित होने वाली महिला कर्मियों में मझगाई रेंज की हेमवंती, कलावती, गोल्डी, गीता; जयमोहनी रेंज की सुरसती तथा नौगढ़ रेंज की सावित्री, सुरसती, उषा और किरन प्रमुख रहीं। इस अवसर पर वन दरोगा वीरेंद्र पांडे, सोमेश, महेंद्र सिंह चौहान, गुरदेव सिंह, प्रेम सिंह, भोला यादव, निर्भय सिंह, मनीष गुप्ता और बबुंदर यादव सहित भारी संख्या में वनकर्मी उपस्थित रहे।