नौगढ़ समाधान दिवस में फटे कपड़े लेकर पहुँची महिला, अधिकारियों के सामने रोते-रोते हुई बेहोश

 

चन्दौली के नौगढ़ समाधान दिवस में उस समय हड़कंप मच गया जब एक पीड़ित महिला अपने फटे हुए कपड़े लेकर डीएम-एसपी के सामने न्याय मांगने पहुँची। पूछताछ के दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। जानिए क्या है पूरा मामला।

 
 

फटे कपड़े लेकर समाधान दिवस पहुँची पीड़ित महिला

अधिकारियों के सामने दास्तान सुनाते हुए हुई बेहोश

शराबी पर मारपीट और कपड़े फाड़ने का गंभीर आरोप

सिर्फ धारा 151 की कार्रवाई करने पर भड़के एसपी

सीओ को तुरंत एफआईआर दर्ज करने का मिला आदेश

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय माहौल बेहद गंभीर और भावुक हो गया, जब एक महिला हाथ में अपने फटे हुए कपड़े लेकर सीधे जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सामने पहुंच गई। पीड़िता ने रोते-बिलखते हुए आरोप लगाया कि शराब के नशे में धुत एक दबंग व्यक्ति ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, उसके कपड़े फाड़ दिए और गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।

महिला का आरोप था कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने न तो उसका मेडिकल कराया और न ही आरोपी के खिलाफ मुख्य धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की। समाधान दिवस में मौजूद लोग तब हैरान रह गए जब महिला ने अपने फटे कपड़ों को अधिकारियों को दिखाते हुए कहा कि यह सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि मेरे साथ हुई दरिंदगी और मेरी पीड़ा का सबसे बड़ा सबूत है।

पूछताछ के दौरान अचानक होकर बेहोश जमीन पर गिरी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल महिला का शिकायती प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मौके पर मौजूद क्षेत्राधिकारी (सीओ) नामेन्दर कुमार रावत को मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए। जब सीओ पीड़ित महिला से घटना के बारे में पूछताछ कर रहे थे, तो वह पुरानी बातों को याद कर बार-बार रोने लगी।

मानसिक तनाव, दर्द और अत्यधिक घबराहट के बीच महिला अपनी आपबीती बताते-बताते अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। महिला के जमीन पर गिरते ही सभागार में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। पास में मौजूद ग्राम्या संस्थान की कोऑर्डिनेटर नीतू सिंह ने तुरंत दौड़कर महिला के चेहरे पर पानी के छीटें मारे और उसे होश में लाया। होश आने के बाद महिला को कुर्सी पर बैठाया गया, जहाँ वह फिर से हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाने लगी।

पुलिस की ढीली कार्रवाई पर भड़के एसपी, पूछा- सिर्फ धारा 151 क्यों?
महिला की हालत और उसकी आपबीती सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक का रुख बेहद कड़ा हो गया। उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। एसपी ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब मामला साफ तौर पर महिला उत्पीड़न, गंभीर मारपीट और कपड़े फाड़ने का था, तो पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में केस दर्ज करने के बजाय केवल शांति भंग की आशंका (धारा 151) के तहत हल्की कार्रवाई क्यों की?

पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और लगातार धमकी दे रहा है कि वह उसका और बुरा हाल करेगा। इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए एसपी ने क्षेत्राधिकारी नामेन्दर कुमार रावत को आदेश दिया कि इस मामले में तत्काल प्रभाव से संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए और आरोपी को गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए बड़े सवाल
नौगढ़ समाधान दिवस का यह पूरा मामला अब केवल एक साधारण शिकायत नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस की संवेदनशीलता और पीड़ित न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान बन गया है। जब कोई पीड़ित महिला गंभीर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगा रही हो, तो ऐसे में एफआईआर की जगह केवल 151 की धारा का इस्तेमाल करना पुलिस की भूमिका को पूरी तरह से सवालों के घेरे में खड़ा करता है। फिलहाल, उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित महिला को उचित न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।