चंदौली समाचार की खबर का बड़ा असर: नौगढ़ में 2 दिन तक पोल पर फहराता रहा तिरंगा, ABSA ने प्रधानाध्यापक व शिक्षामित्रों को भेजा नोटिस

 

नौगढ़ के प्राथमिक विद्यालय बजरडीहा में 15 अगस्त को फहराया गया तिरंगा 17 अगस्त तक पोल पर लहराता रहा। चंदौली समाचार के खुलासे के बाद विभाग जागा और ABSA ने प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है।

 
 

चंदौली समाचार के खुलासे के बाद जागा शिक्षा विभाग

बजरडीहा प्राथमिक विद्यालय में 48 घंटे तक फहराता रहा तिरंगा

झंडा संहिता के उल्लंघन पर ABSA ने थमाया कारण बताओ नोटिस

प्रधानाध्यापक के साथ सहायक अध्यापक और शिक्षामित्र भी घेरे में

चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बजरडीहा में 15 अगस्त का राष्ट्रीय ध्वज 17 अगस्त तक पोल पर फहराते रहने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग आखिरकार हरकत में आ गया है। 'चंदौली समाचार' द्वारा इस बड़ी लापरवाही को प्रमुखता से उजागर करने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (ABSA) नौगढ़ लालमणि कनौजिया ने तत्काल कार्रवाई की और विद्यालय के प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

स्वतंत्रता दिवस के बाद स्कूल बंद कर चले गए शिक्षक

जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त शुक्रवार को बजरडीहा प्राथमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया था। ध्वजारोहण के बाद बच्चों को मिठाइयां बांटी गईं, लेकिन कार्यक्रम खत्म होते ही सभी शिक्षक स्कूल में ताला लगाकर अपने घर चले गए। इसके बाद शनिवार और रविवार का अवकाश था। सोमवार 17 अगस्त की सुबह जब अभिभावक बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे, तब भी मुख्य गेट पर ताला लगा था और राष्ट्रीय ध्वज पोल पर वैसे ही लहरा रहा था।

48 घंटे से अधिक समय तक हुआ झंडा संहिता का उल्लंघन

नियमों के मुताबिक सूर्यास्त के बाद तिरंगे को सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है। लेकिन 48 घंटे से अधिक समय तक राष्ट्रीय ध्वज को यूं ही छोड़ देना न केवल झंडा संहिता का सीधा उल्लंघन है, बल्कि यह देशभक्ति की भावना पर भी गहरा आघात है। खबर सामने आते ही ABSA लालमणि कनौजिया ने प्रधानाध्यापक नीरज कुमार श्रीवास्तव से 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। ABSA ने साफ कहा है कि राष्ट्रध्वज के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षामित्रों और सहायक अध्यापकों पर भी लटकी तलवार

इस पूरे मामले में केवल प्रधानाध्यापक ही नहीं, बल्कि स्कूल में तैनात सहायक अध्यापकों और शिक्षामित्रों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को देशभक्ति और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक ही जब ऐसी लापरवाही करेंगे, तो बच्चे क्या सीखेंगे? ग्रामीणों ने समय-समय पर निरीक्षण न होने को लेकर भी नाराजगी जताई है। अब देखना यह होगा कि चंदौली समाचार के खुलासे के बाद विभाग इस मामले में कितने लोगों पर कड़ी कार्रवाई करता है।