15 अगस्त को झंडा फहराकर घर गए गुरुजी, 2 दिन तक पानी में भीगता रहा राष्ट्रीय ध्वज
चंदौली के नौगढ़ स्थित बजरडीहा प्राथमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर फहराया गया तिरंगा 17 अगस्त की सुबह तक पोल पर ही लहराता मिला। दो दिनों तक बारिश में भीगे राष्ट्रीय ध्वज को देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
नौगढ़ के प्राथमिक विद्यालय में तिरंगे का अनादर
स्वतंत्रता दिवस के बाद 2 दिन तक भीगता रहा तिरंगा
17 अगस्त की सुबह तक पोल पर लहराता मिला झंडा
ग्रामीणों ने अध्यापकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर उठाए सवाल
बीएसए चंदौली से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
चंदौली जिले के नौगढ़ इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जिस स्कूल में बच्चों को देश भक्ति और तिरंगे के सम्मान का पाठ पढ़ाया जाता है, वहीं राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर बड़ी लापरवाही देखने को मिली। प्राथमिक विद्यालय बजरडीहा में 15 अगस्त को फहराया गया तिरंगा 17 अगस्त की सुबह तक पोल पर ही लहराता रहा।
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन स्कूल में ध्वजारोहण हुआ, बच्चों को मिठाइयां और लड्डू बांटे गए। इसके बाद शिक्षक और बाकी जिम्मेदार लोग अपने घर चले गए। शनिवार और रविवार को स्कूल की छुट्टी थी, लेकिन किसी ने यह देखने की जहमत नहीं उठाई कि पोल पर लगा तिरंगा उतारा गया है या नहीं।
17 अगस्त की सुबह तक पोल पर लहराता रहा राष्ट्रीय ध्वज
हैरानी की बात तो यह रही कि दो दिनों की छुट्टी बीत जाने के बाद सोमवार यानी 17 अगस्त की सुबह जब गांव के अभिभावक अपने बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे, तो देखा कि तिरंगा अब भी पोल पर फहरा रहा था। 15 अगस्त के बाद दो दिनों तक हुई बारिश में राष्ट्रीय ध्वज भीगता रहा और लावारिस पड़ा रहा।
सोमवार की सुबह भी स्कूल समय पर नहीं खुला और शिक्षक वक्त पर नहीं पहुंचे। इस बात को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तिरंगे को समय से और पूरे सम्मान के साथ उतारना स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां किसी ने इसकी परवाह नहीं की।
लापरवाही पर उठे सवाल, ABSA ने जानकारी से किया इनकार
जब इस पूरे मामले पर नौगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी (ABSA) लालमणि कनौजिया से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस तरह की किसी भी घटना की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। अधिकारियों का यह रवैया भी ग्रामीणों को रास नहीं आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर शिक्षकों ने इतनी बड़ी लापरवाही की है, तो एबीएसए साहब को तुरंत जांच बैठाकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े इस संवेदनशील मामले में सिर्फ लीपापोती से काम नहीं चलेगा, बल्कि अधिकारियों को आगे आकर जवाबदेही तय करनी होगी।
क्या कहता है नियम?
भारतीय ध्वज संहिता और हमारी परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को सूर्यास्त (सूरज डूबने) से पहले पूरे सम्मान के साथ उतार लेना चाहिए। हालांकि, नियमों में हुए बदलाव के मुताबिक अगर झंडा किसी खुले स्थान पर प्रॉपर लाइट (रोशनी) के साथ फहराया जा रहा है, तो उसे रात में रखा जा सकता है। लेकिन सामान्य परिस्थितियों में सूर्यास्त के समय ही झंडे को उतारना सही माना जाता है।
बजरडीहा गांव की यह घटना सिर्फ एक स्कूल की लापरवाही नहीं है। यह पूरी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने चंदौली के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी शिक्षकों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।