नौगढ़ में आंगन में बैठा था सांप, डसते ही बेहोश हुई 70 साल की तेतरी देवी, डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान
नौगढ़ के मझगाई गांव में सोमवार सुबह स्नान करने गई 70 वर्षीय तेतरी देवी को आंगन में छिपे सांप ने डस लिया। सीएचसी नौगढ़ में डॉक्टरों ने एंटी स्नेक वेनम के 4 डोज देकर 2 घंटे में महिला की जान बचाई।
नौगढ़ के मझगाई गांव में सर्पदंश
आंगन में छिपे सांप ने वृद्धा को डसा
4 डोज एंटी वेनम से बची जान
सीएचसी नौगढ़ में 2 घंटे चला इलाज
डॉक्टर ने दी झाड़-फूंक से बचने की सलाह
बरसात के मौसम में घरों के आसपास सांपों का खतरा काफी बढ़ गया है। तहसील नौगढ़ क्षेत्र के मझगाई गांव में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। गांव की रहने वाली 70 वर्षीय तेतरी देवी सुबह करीब 7 बजे घर के आंगन में शौच व स्नान के लिए गई थीं। इसी दौरान आंगन में छिपे सांप पर उनका पैर पड़ गया और सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के डसते ही महिला चीखकर वहीं जमीन पर गिर पड़ीं।
खेत से लौटे परिजनों ने अचेत हालत में पाया
घटना के वक्त परिवार के अन्य लोग खेत में धान की रोपाई करने गए हुए थे। लगभग 1 घंटे बाद जब परिजन काम निपटाकर घर लौटे, तो उन्होंने तेतरी देवी को आंगन में अचेत अवस्था में पड़ा देखा। उनके मुंह से झाग निकल रहा था और जहरीले असर से शरीर नीला पड़ने लगा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजन बिना देरी किए उन्हें तुरंत बाइक पर बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगढ़ ले गए।
4 डोज एंटी वेनम के बाद डॉक्टरों ने बचाई जान
सीएचसी नौगढ़ में तैनात डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने महिला की नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत इमरजेंसी इलाज शुरू किया। डॉक्टरों की टीम ने तेतरी देवी को तत्काल एंटी स्नेक वेनम के 4 डोज दिए। इसके साथ ही उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट और अन्य जरूरी इमरजेंसी दवाएं दी गईं। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद महिला को होश आ गया। होश में आने के बाद तेतरी देवी ने बताया कि उनके पैर में हल्का दर्द और कमजोरी महसूस हो रही है।
झाड़-फूंक में समय न गंवाने की अपील
डॉक्टरों ने महिला की हालत को देखते हुए उन्हें 24 घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन में रखा है। डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि बरसात में सांप काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे मामलों में हर एक मिनट बेहद कीमती होता है। ग्रामीण किसी भी सूरत में झाड़-फूंक या तांत्रिकों के चक्कर में पड़कर समय न गंवाएं, क्योंकि देरी होने पर जहर पूरे शरीर में फैलकर अंगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। सही समय पर अस्पताल पहुंचने से ही मरीज की जान बचाई जा सकती है।