नौगढ़ में 10 साल के मासूम को 500 मीटर तक दौड़ाकर पागल कुत्ते ने दबोचा, जंगल में घसीटने की कोशिश
नौगढ़ के अमृतपुर में स्कूल जा रहे 10 वर्षीय छात्र प्रियांशु पर एक पागल कुत्ते ने हमला कर दिया। 500 मीटर दौड़ाकर कुत्ते ने मासूम का पैर नोच लिया और जंगल की ओर घसीटने लगा। ग्रामीणों ने बचाई जान।
स्कूल जा रहे 10 साल के मासूम पर कुत्ते का हमला
जान बचाने के लिए 500 मीटर तक चिल्लाता हुआ भागा बच्चा
पैर में काटकर जंगल की तरफ खींचने लगा पागल कुत्ता
ग्रामीणों की तत्परता और लाठी-डंडों से बची छात्र की जान
सोचिए, कोई 10 साल का मासूम बच्चा सुबह-सुबह अपने घर से खुशी-खुशी स्कूल के लिए निकले और रास्ते में अचानक एक खूंखार पागल कुत्ता उसके पीछे पड़ जाए! जान बचाने के लिए वह मासूम करीब 500 मीटर तक ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाते हुए भागता रहे, लेकिन फिर भी कुत्ता उसे दबोच ले। मंगलवार की सुबह चंदौली जिले के नौगढ़ स्थित अमृतपुर गांव में ऐसा ही दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला।
500 मीटर तक खदेड़ने के बाद पैर में बुरी तरह काटा
अमृतपुर गांव निवासी विनोद का 10 वर्षीय बेटा प्रियांशु कक्षा पांच का छात्र है। वह रोज की तरह सुबह प्राथमिक विद्यालय जाने के लिए घर से निकला था। घर बांध के उस पार होने की वजह से उसे सुनसान रास्ते से पैदल ही जाना पड़ता है। इसी दौरान पास के जंगल से निकले एक आक्रामक कुत्ते ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। प्रियांशु अपनी जान बचाने के लिए भागता रहा, लेकिन चौहान बस्ती के पास पहुंचते ही कुत्ते ने उसे दबोच लिया।
जंगल की ओर घसीटने लगा कुत्ता
पागल कुत्ते ने मासूम प्रियांशु के पैर पर झपट्टा मारकर उसे बुरी तरह नोच लिया और काटकर जंगल की तरफ खींचने की कोशिश करने लगा। बच्चे की दर्दनाक चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत हरकत में आए और लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। लोगों को अपनी तरफ आता देख कुत्ता बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। घबराए परिजन लहूलुहान बच्चे को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगढ़ लेकर पहुंचे।
डॉक्टर ने दी सावधानी की सलाह
सीएचसी में मौजूद डॉ. सत्य सिंह ने बच्चे का प्राथमिक इलाज किया। जख्म काफी गहरा होने के कारण उसे एंटी-रेबीज और टिटनस का पहला डोज दिया गया। डॉक्टर ने बताया कि रेबीज के खतरे से बचने के लिए समय पर बाकी के सभी डोज लगवाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही जख्म को नियमित रूप से साबुन और साफ पानी से धोने की हिदायत दी गई है।
गांवों में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद अमृतपुर और आसपास के गांवों में खौफ का सन्नाटा पसरा हुआ है। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं, क्योंकि कई बच्चे जंगल और सुनसान रास्तों से होकर ही स्कूल जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सही समय पर लोग लाठी-डंडे लेकर नहीं दौड़ते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। अब ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि आवारा और आक्रामक कुत्तों से निजात दिलाने के लिए प्रशासन तुरंत कोई ठोस कदम उठाए।