इसलिए नौगढ़ तहसील परिसर में पिट गए वकील साहब, दिनदहाड़े गाली-गलौज और मारपीट का केस दर्ज

 

चंदौली की नौगढ़ तहसील में एक अधिवक्ता के साथ दिनदहाड़े मारपीट और अभद्रता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन वकीलों ने 24 घंटे में गिरफ्तारी न होने पर बड़ी हड़ताल की चेतावनी दी है। पूरी खबर पढ़ें...

 
 

नौगढ़ तहसील परिसर में भारी हंगामा

अधिवक्ता वीरेंद्र केसरी से हुई मारपीट

दो नामजद आरोपियों पर केस दर्ज

बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन चेतावनी

तहसील परिसर की सुरक्षा पर सवाल

 चंदौली जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जहां आम लोगों को न्याय और कानून की सुरक्षा मिलती है, उसी नौगढ़ तहसील परिसर में दिनदहाड़े एक अधिवक्ता के साथ अभद्रता और मारपीट की घटना ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर थाना नौगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन इस घटना के बाद से स्थानीय वकीलों में गहरा आक्रोश है। बार एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

जमीन को वन विभाग का बताने पर भड़के आरोपी, सीट पर आकर पीटा
मिली जानकारी के अनुसार, अमदहां चरनपुर पंचायत के रहने वाले अधिवक्ता वीरेंद्र केसरी बुधवार सुबह करीब 10 बजे अपने काम से तहसील जा रहे थे। रास्ते में तहसील आवास मोड़ के पास एक ट्रैक्टर चालक ने उनसे किसी भूमि के संबंध में जानकारी मांगी। अधिवक्ता ने कानूनी जानकारी के आधार पर उस जमीन को वन विभाग की भूमि बताया और आगे बढ़ गए। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद जब वह तहसील कार्यालय परिसर में अपनी सीट पर बैठे थे, तभी देवखत गांव के निवासी परमहंस यादव और उनके पिता लक्ष्मण यादव वहां धमक पड़े। दोनों इस बात पर बुरी तरह नाराज थे और उन्होंने अधिवक्ता को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उनके साथ जमकर मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी भी दी।

बार एसोसिएशन का पुलिस को अल्टीमेटम, 24 घंटे में गिरफ्तारी की मांग
तहसील परिसर में वकील पर हुए इस हमले की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आनन-फानन में बैठक बुलाई और इसे पूरे अधिवक्ता समाज के सम्मान और सुरक्षा पर सीधा हमला करार दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र यादव ने साफ शब्दों में पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर दोनों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है, तो सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से पूरी तरह विरत होकर बेमियादी हड़ताल और आंदोलन पर जाने को मजबूर होंगे।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल, फरियादी भी सहमे
तहसील जैसी संवेदनशील जगह पर हुई इस गुंडागर्दी ने स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब क्षेत्र में यह सवाल तेजी से तैर रहा है कि जब कानून की बारीकियां जानने वाले अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो दूर-दराज से आने वाले आम फरियादियों की सुरक्षा की क्या गारंटी है? फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और वकीलों की नजर आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है।