नौगढ़ में 'डब्बा पार्टी' का ब्लॉक पर धावा: जब बर्तन लेकर धरने पर बैठीं महिलाएं, तब दौड़ा पानी का टैंकर
चंदौली के नौगढ़ में पानी के संकट से परेशान बाघी पंचायत के ग्रामीण जब खाली डिब्बे-बाल्टी लेकर ब्लॉक दफ्तर घेरे पहुंचे, तो हड़कंप मच गया। एक हफ्ते से खराब टंकी को लेकर सो रहा प्रशासन आंदोलन शुरू होते ही तुरंत टैंकर लेकर दौड़ पड़ा।
नौगढ़ की बाघी पंचायत में एक हफ्ते से खराब थी समरसेबल टंकी
पानी न मिलने से परेशान अनुसूचित बस्ती के लोगों का फूटा गुस्सा
खाली डिब्बे और बर्तन लेकर ब्लॉक कार्यालय पर महिलाओं ने शुरू किया धरना
हंगामा बढ़ते ही एक्टिव हुआ प्रशासन, आनन-फानन में भेजा पानी का टैंकर
ग्रामीणों ने दी चेतावनी- टंकी ठीक नहीं हुई तो दोबारा होगा बड़ा आंदोलन
चंदौली जिले के विकास खंड नौगढ़ से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के ग्राम पंचायत बाघी की अनुसूचित बस्ती के लोग जब सोमवार को खाली डिब्बे, बाल्टी और बर्तन लेकर अचानक ब्लॉक कार्यालय पहुंच गए, तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। पिछले एक हफ्ते से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीणों ने जब ब्लॉक दफ्तर का घेराव कर धरना शुरू किया, तब जाकर सुस्त पड़े प्रशासनिक अमले की नींद टूटी। इसके तुरंत बाद बस्ती में पानी का टैंकर दौड़ाया गया।
एक हफ्ते से बूंद-बूंद पानी को तरस रही थी बस्ती
पूरा मामला बाघी ग्राम पंचायत की अनुसूचित बस्ती का है, जहाँ लगी सरकारी समरसेबल टंकी पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह खराब पड़ी है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि उन्होंने इसकी शिकायत कई बार पंचायत सचिव जितेंद्र सिंह यादव से की, लेकिन सचिव साहब कान में तेल डालकर सोते रहे और मरम्मत का काम नहीं कराया। नतीजा यह हुआ कि चिलचिलाती धूप में महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए एक किलोमीटर दूर दूसरी बस्ती का चक्कर काटना पड़ रहा था।
दो दिन से नहीं कर पाए थे स्नान, फूटा गुस्सा
प्रदर्शन में शामिल दीपा नाम की महिला ने रोष जताते हुए बताया कि पिछले दो दिनों से तो हालात और बदतर हो गए थे क्योंकि पानी का टैंकर भी आना बंद हो गया था। घरों में पानी की एक बूंद नहीं बची थी, जिससे लोगों के सामने पीने और रोजमर्रा के काम निपटाने का बड़ा संकट खड़ा हो गया। कई लोग तो दो दिन से नहा भी नहीं पाए थे। जब पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी कोई सुनवाई नहीं हुई, तो पूरी बस्ती ने मिलकर ब्लॉक दफ्तर पर धावा बोलने का फैसला कर लिया।
अफसरों के खिलाफ हुई जमकर नारेबाजी
सोमवार को इस 'डब्बा पार्टी' के ब्लॉक पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। महिलाओं और पुरुषों ने दफ्तर के बाहर ही डेरा डाल दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का साफ कहना था कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी आकर जवाब नहीं देते, वे वहां से नहीं हटेंगे। इस दौरान खंड विकास अधिकारी विकास सिंह के दफ्तर में मौजूद न रहने पर भी लोगों ने भारी नाराजगी जताई। इसके बाद सहायक विकास अधिकारी (ADP) उपेंद्र साहनी ने बीच-बचाव किया और आनन-फानन में बस्ती के लिए पानी का टैंकर रवाना करवाया।
टैंकर आने पर थमा धरना, स्थायी समाधान की मांग
ब्लॉक दफ्तर पर करीब एक घंटे चले भारी हंगामे और पानी का टैंकर बस्ती में पहुंचने की पुष्टि के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना खत्म किया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि टैंकर भेजना सिर्फ एक कामचलाऊ और अस्थायी राहत है। उनका असली और परमानेंट समाधान तब होगा जब खराब पड़ी समरसेबल टंकी को तुरंत ठीक कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही टंकी की मरम्मत नहीं कराई गई, तो इस बार आंदोलन और भी बड़ा होगा।
इस पूरे प्रदर्शन में मुख्य रूप से राजेश, जीवन, गीता, बिंदु, सियाराम, चंद्रावती, रूबी, मालती, बदामी, राजू, चंदा, रूबिता, मैना, कमलावती और कुसुम सहित बहुत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।