नौगढ़ में साधना का महासंगम: स्वामी प्रदीपानंद महाराज करेंगे भीषण जल तपस्या, साध्वी रानी पांडे बहाएंगी राम कथा की गंगा
नौगढ़ के योग माया आश्रम में 16 जनवरी से अद्वितीय आध्यात्मिक आयोजन शुरू हो रहा है। स्वामी प्रदीपानंद महाराज की कठिन जल तपस्या और साध्वी रानी पांडे के मुखारविंद से होने वाली राम कथा भक्तों को आत्मिक शांति और भक्ति के सागर में सराबोर करेगी।
भव्य कलश शोभा यात्रा से आगाज
स्वामी प्रदीपानंद महाराज की जल तपस्या
साध्वी रानी पांडे की संगीतमय रामकथा
योग माया आश्रम बनेगा साधना केंद्र
चंदौली जनपद की तहसील नौगढ़ के अंतर्गत राधा-कृष्ण घाट (चोरमरवा) स्थित प्रसिद्ध योग माया आश्रम में आगामी 16 जनवरी, शुक्रवार से एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन नौगढ़ क्षेत्र को साधना और चेतना के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ होगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु पीत वस्त्र धारण कर सम्मिलित होंगे। आश्रम परिसर में होने वाले इस महासंगम को लेकर स्थानीय लोगों और भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में राधा-कृष्ण घाट (चोरमरवा) स्थित योग माया आश्रम में 16 जनवरी शुक्रवार से शुरू होने जा रहा विशेष आध्यात्मिक आयोजन नौगढ़ को साधना और चेतना का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। स्वामी प्रदीपानंद महाराज के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को संयम, त्याग और आत्मिक जागरण की ओर ले जाने का प्रयास है।
16 जनवरी से निकलेगी कलश शोभा यात्रा
आश्रम परिसर में आयोजित बैठक में स्वामी प्रदीपानंद महाराज ने कहा कि आज के समय में जब मानव जीवन भौतिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब ऐसे आयोजनों के माध्यम से आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। स्वामी प्रदीपानंद महाराज ने बताया कि 16 जनवरी को आयोजन का शुभारंभ भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ किया जाएगा। यह यात्रा योग माया आश्रम से प्रारंभ होकर मधुपुर मार्केट, नागनार, हरैया और जयमोहनी पोस्ता होते हुए यज्ञ मंडप में प्रवेश करेगी। क्षेत्र के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
जल तपस्या के जरिए आत्मसंयम और साधना का देंगे संदेश
स्वामी प्रदीपानंद महाराज ने अपनी जल तपस्या के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि जल तपस्या केवल शरीर को कष्ट देने का साधन नहीं, बल्कि मन, इंद्रियों और आत्मा को संयमित करने की साधना है। उन्होंने बताया कि प्रातः 5 बजे जल में रहकर की जाने वाली यह तपस्या आत्मशुद्धि और आत्मबल को जाग्रत करने का माध्यम बनेगी।
स्वामी जी ने कहा कि यह तपस्या समाज को यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और संतुलन बनाए रखना ही सच्ची साधना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस जल तपस्या से नौगढ़ और आस पास के क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और लोगों में आध्यात्मिक चेतना जागृत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि दूर-दराज से श्रद्धालु इस साधना के साक्षी बनने के लिए नौगढ़ पहुंचने वाले हैं।
साध्वी रानी पांडे सुनाएंगी राम कथा
10 दिवसीय हरि कथा ज्ञान यज्ञ में साध्वी रानी पांडे द्वारा दस दिनों तक प्रवाहित की जाने वाली श्रीराम कथा समाज के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। स्वामी जी के अनुसार साध्वी रानी पांडे की ओजस्वी वाणी के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को वर्तमान समाज से जोड़ा जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी संस्कारों से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि यह कथा लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नौगढ़ के लिए केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का संगम बनेगा।
व्यापक तैयारियां, समितियां संभाल रहीं व्यवस्था
हरि कथा ज्ञान यज्ञ को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। प्रचार-प्रसार के लिए क्षेत्र में बैनर और होर्डिंग लगाए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस आयोजन से जुड़ सके। आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य अचल सिंह यादव ने चंदौली समाचार को बताया कि यह आयोजन समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। वहीं सेमरा कुसही पंचायत के प्रधान गुरु प्रसाद यादव ने कहा कि योग माया आश्रम का यह आयोजन नौगढ़ को आध्यात्मिक पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।