पहली ही आंधी नहीं झेल पाए करोड़ों की लागत से बने औरवाटांड और छानपाथर के शेड, सरकारी ढांचे जमींदोज
चंदौली के नौगढ़ में 13 मई को आए भीषण आंधी-तूफान ने औरवाटांड और छानपाथर जलप्रपात पर जमकर तबाही मचाई। करोड़ों की लागत से बने प्रशासनिक भवन, दुकानें और टिन शेड उड़ने से वन विभाग को लाखों का नुकसान हुआ है। पूरी खबर पढ़ें।
नौगढ़ में आंधी का भारी कहर
औरवाटांड-छानपाथर में भारी नुकसान
एडमिन ब्लॉक और दुकानें धराशायी
वन विभाग को लाखों का नुकसान
पर्यटन व्यवस्थाएं हुईं बुरी तरह प्रभावित
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रकृति के बदले मिजाज ने पर्यटन विभाग और वन विभाग की तैयारियों की हवा निकाल दी है। नौगढ़ क्षेत्र में 13 मई को आए भीषण आंधी-तूफान ने इलाके के प्रमुख और नव-विकसित पर्यटन स्थलों पर भारी तबाही मचाई है। करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से पर्यटकों के लिए विकसित किए गए प्रसिद्ध औरवाटांड तथा छानपाथर जलप्रपात (वॉटरफॉल) पर तेज हवाओं के कारण व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि पर्यटकों की सहूलियत के लिए बनाए गए कई महत्वपूर्ण सरकारी ढांचे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए, जिससे वन विभाग को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
औरवाटांड जलप्रपात पर जमींदोज हुए प्रशासनिक भवन और दुकानें
प्राकृतिक हुस्न से सराबोर औरवाटांड जलप्रपात पर चक्रवातीय आंधी ने सबसे ज्यादा असर दिखाया है। यहां शासन द्वारा नवनिर्मित सुवेनियर शॉप (स्मारिका दुकान), प्रशासनिक भवन (एडमिन ब्लॉक), विद्युत वायरिंग, टिन शेड और नवनिर्मित शौचालय की छतें तेज आंधी के झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर सकीं और उखड़कर दूर जा गिरीं। आंधी के प्रचंड वेग के कारण कई स्थानों पर स्थापित की गईं लोहे की मजबूत संरचनाएं व एंगल्स बुरी तरह मुड़ गए हैं। भवनों की छतें उड़ने और विद्युत बुनियादी ढांचा ध्वस्त होने के कारण इस खूबसूरत पर्यटन स्थल की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।
छानपाथर के गौलाहट क्षेत्र में भी बुनियादी ढांचे को पहुंची भारी क्षति
औरवाटांड के साथ-साथ छानपाथर जलप्रपात के गौलाहट क्षेत्र में भी आंधी-तूफान ने जमकर तांडव मचाया। यहाँ पर भी नव-निर्मित सुवेनियर शॉप और प्रशासनिक भवन (एडमिन ब्लॉक) आंधी के थपेड़ों के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रकृति के इस प्रकोप में पर्यटकों के विश्राम के लिए बनाए गए सिटिंग एरिया, शेड और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए तैयार किए गए ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। पहली ही तेज आंधी में इन ढांचों के ढह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर लाखों-करोड़ों की लागत से बनी संरचनाएं एक ही आंधी क्यों नहीं झेल सकीं।
पर्यटन गतिविधियों पर पड़ेगा असर, मरम्मत कार्य का भरोसा
नौगढ़ वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले औरवाटांड और छानपाथर जलप्रपात अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और एडवेंचर के कारण पूर्वांचल सहित बिहार के पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। ऐसे में मुख्य सीजन के दौरान इन आवश्यक सुविधाओं के क्षतिग्रस्त हो जाने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों पर अस्थायी रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।
इस संबंध में स्थानीय क्षेत्राधिकारी का कहना है कि अचानक आए तेज आंधी-तूफान की वजह से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार पर्यटन ढांचों को व्यापक क्षति हुई है। वन विभाग की टीम द्वारा मौके पर जाकर पूरे नुकसान का सटीक आकलन कराया जा रहा है। उन्होंने पर्यटकों को आश्वस्त किया है कि क्षतिग्रस्त हुई सभी जनसुविधाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा और व्यवस्थाओं को पुनः सुचारू रूप से बहाल किया जाएगा।