CMO साहब! एक हफ्ते से खराब है नौगढ़ CHC मशीन, गरीबों से वसूले जा रहे ₹500
चकिया विधायक कैलाश आचार्य के क्षेत्र स्थित नौगढ़ सीएचसी में डिजिटल एक्सरे मशीन पिछले 7 दिनों से बंद पड़ी है। गरीब मरीज निजी सेंटरों पर ₹500 खर्च करने को मजबूर हैं। जानिए क्या है पूरी समस्या।
सात दिनों से बंद एक्सरे मशीन
सायरिक्स कंपनी का इंजीनियर गायब
गरीब मरीज बाहर लुटाने को मजबूर
तीस से अधिक गांवों के लोग परेशान
सॉफ्टवेयर अपडेट फेल होने से एरर
एक तरफ सरकार दावा कर रही है कि गरीबों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त और बेहतर इलाज मिलेगा, लेकिन चंदौली के नौगढ़ में हकीकत कुछ और ही है। चकिया विधानसभा के भाजपा विधायक कैलाश आचार्य के क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगढ़ में डिजिटल एक्सरे मशीन पिछले 7 दिनों से सफेद हाथी बनी हुई है। इलाज की पहली सीढ़ी टूटने के कारण रोज सैकड़ों मरीज बिना एक्सरे कराए लौट रहे हैं।
30 से अधिक गांवों के लोग परेशान
इस तकनीकी खराबी की वजह से नौगढ़, बरवाडीह, मझगावां, बटौआ, बजरडीहा, तिवारीपुर, नरकटी, शाहपुर और जमसोत सहित 30 से अधिक गांवों के मरीज हर सुबह अस्पताल पहुंच रहे हैं। एक्सरे कक्ष के बाहर लंबी लाइन लग रही है, लेकिन शाम को मायूसी हाथ लगती है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हड्डी टूटने वाले मरीजों को उठानी पड़ रही है।
सॉफ्टवेयर खराब, जेब से लग रहे ₹500
एक्सरे टेक्नीशियन रामकिशोर राजपूत ने बताया कि मशीन चालू हो रही है, लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट फेल होने के कारण इमेज और प्रिंट नहीं निकल पा रहे हैं। इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पांच दिन पहले सायरिक्स कंपनी को भेज दी गई थी, पर अब तक कोई इंजीनियर नहीं आया। लाचार होकर मरीजों को 40 से 60 किलोमीटर दूर चंदौली और सोनभद्र के निजी सेंटरों पर ₹400 से ₹500 खर्च कर एक्सरे कराना पड़ रहा है।
मरीजों ने बयां किया अपना दर्द
बजरडीहा के परमेश्वर ने बताया कि हाथ टूटने के बाद भी बिना एक्सरे प्लास्टर नहीं हो पा रहा है। बटौआ गांव के दिग्विजय तीन दिन से चक्कर काट रहे हैं और किराया बर्बाद हो रहा है। बरवाडीह के रामविलास और मझगावां की गीता देवी ने बताया कि मजबूरी में उन्हें बाहर जाकर ₹450 से ₹500 खर्च करने पड़े। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह मशीन हर महीने 8 से 10 दिन खराब रहती है।
अधीक्षक बोले- जल्द शुरू होगी सेवा
इस गंभीर मामले पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह पटेल ने बताया कि मशीन में सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी दिक्कत आई है। इसकी सूचना सायरिक्स कंपनी को ऑनलाइन पोर्टल और पत्र के जरिए दे दी गई है। जैसे ही इंजीनियर मौके पर पहुंचेंगे, एक्सरे सेवा को तुरंत बहाल कर दिया जाएगा। फिलहाल विभाग इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने पर भी विचार कर रहा है।