नौगढ़ में बड़ा खुलासा: गरीब के ₹4 लाख हड़पने पहुंचा था दलाल, ग्राम प्रधान ने जाल बिछाकर भेजा जेल, जांच में जुटा प्रशासन

 

चंदौली के नौगढ़ में चंद्रप्रभा बांध में डूबने वाले मृतक के परिवार को मिली ₹4 लाख की आपदा राहत राशि में से ₹25 हजार की दलाली वसूलने आए एक फर्जी वकील को पुलिस ने जेल भेज दिया है।

 
 

बांध में डूबे बुल्लू के परिवार से वसूली

खुद को अधिवक्ता बताकर मांगी घूस

ग्राम प्रधान यशवंत सिंह ने बिछाया जाल

थाने में दरोगा से की बदतमीजी

कलेक्ट्रेट अधिकारियों के नाम पर धौंस

चंदौली जिले के नौगढ़ इलाके से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सरकारी महकमों की गोपनीयता और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चंद्रप्रभा बांध में डूबकर अपनी जान गंवाने वाले बुल्लू के गरीब परिवार को सरकार की तरफ से मिली ₹4 लाख की आपदा राहत राशि पर एक दलाल की नजर पड़ गई। खुद को वकील बताने वाला यह शातिर आरोपी अधिकारियों के नाम पर धौंस जमाकर पीड़ित परिवार से कमीशन वसूलने पहुंचा था।

लौवारी गांव के रहने वाले किशन ने बताया कि उनके पिता बुल्लू की मौत के बाद, उनकी मां शकुंतला के बैंक खाते में शासन की तरफ से ₹4 लाख की आपदा सहायता राशि आई थी। इसके बाद एक शख्स ने खुद को 'अधिवक्ता धर्मेंद्र' बताते हुए उन्हें लगातार फोन करना शुरू कर दिया। आरोपी अधिकारियों (एडीएम और सीडीओ) का नाम लेकर ₹25 हजार की दलाली का दबाव बनाने लगा।

ग्राम प्रधान ने चाय की दुकान पर बिछाया जाल
परेशान पीड़ित परिवार ने इस पूरी ब्लैकमेलिंग की जानकारी अपने ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव को दी। ग्राम प्रधान ने सूझबूझ दिखाई और कथित दलाल को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। प्रधान ने गुरुवार को उस तथाकथित दलाल को विकास खंड नौगढ़ गेट के पास स्थित एक चाय की दुकान पर बातचीत के लिए बुलाया।

चाय की दुकान पर जब बातचीत शुरू हुई, तो ग्राम प्रधान के तीखे सवालों के आगे आरोपी की बोलती बंद हो गई। उसने कबूल किया कि वह कोई असली वकील नहीं है, बल्कि आपदा राहत राशि दिलाने के नाम पर सेटिंग करके कमीशन वसूलता है। पोल खुलने के बाद भी उसकी दबंगई कम नहीं हुई और वह पुलिस व कलेक्ट्रेट में अपनी ऊंची पहुंच का रौब झाड़ने लगा।

थाने में दरोगा का हाथ पकड़ा, पुलिस ने भेजा जेल
दलाल की गुंडई देखकर ग्राम प्रधान यशवंत सिंह ने बिना कोई देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा और गाड़ी में बैठाकर थाने ले आई। हैरानी की बात यह है कि थाने पहुंचने के बाद भी आरोपी की हेकड़ी कम नहीं हुई। थाने में जब उसकी फोटो खींची जा रही थी, तो उसने तैश में आकर एक दरोगा का हाथ तक पकड़ लिया।

पीड़ित परिवार की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ग्राम प्रधान सही समय पर सक्रियता नहीं दिखाते, तो गरीब परिवार की गाढ़ी कमाई दलाल डकार जाता। इस घटना के बाद अब लोग मांग कर रहे हैं कि इस पूरे नेटवर्क की जांच हो ताकि पता चल सके कि पीड़ितों का डेटा दलालों तक कैसे पहुंचता है।