महंगे बीज की चिंता हुई खत्म: नौगढ़ के लौवारी कला में 65 किसानों को मिला मुफ्त धान और बाजरा का बीज

 

चंदौली के नौगढ़ में मानसून की बारिश के बीच महंगे बीजों से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली है। ग्राम प्रधान की पहल पर डीएम के निर्देश के बाद 65 किसानों को मुफ्त धान और बाजरा के बीज बांटे गए।

 
 

लौवारी कला के 65 किसानों को बड़ी राहत

मुफ्त मिला उन्नत प्रजाति PB-1121 धान बीज

किसानों को दिया गया 2 किलो बाजरा का बैग

ग्राम प्रधान की पहल पर डीएम ने लिया एक्शन

कृषि सुपरवाइजर ने दिए वैज्ञानिक खेती के टिप्स

बारिश के बीच बीज का संकट

चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में मानसून की दस्तक के साथ ही किसानों ने अपने खेत तो तैयार कर लिए थे, लेकिन छोटे और गरीब किसानों के सामने एक बहुत बड़ी समस्या खड़ी थी। बाजार में प्रमाणित धान के बीजों की कीमत 3000 से 3200 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच गई थी। महंगे बीज के कारण गरीब और सीमांत किसानों के लिए बुवाई करना मुश्किल हो रहा था और उनकी खेती पर संकट मंडराने लगा था।

प्रधान की पहल पर डीएम का एक्शन
लौवारी कला गांव के किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव आगे आए। उन्होंने बिना देरी किए किसानों की इस तकलीफ से कृषि विभाग और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को अवगत कराया। मामला डीएम के संज्ञान में आते ही प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आ गई। ग्राम पंचायत द्वारा तैयार की गई गरीब और पात्र किसानों की सूची के आधार पर शनिवार को 65 किसानों को राहत देने का काम शुरू हुआ।

मिला मुफ्त धान और बाजरा का बीज
चयनित सभी 65 किसानों को कृषि विभाग के समन्वय से उन्नत प्रजाति 'PB-1121' का प्रमाणित धान बीज बिल्कुल मुफ्त में बांटा गया। राहत को और बड़ा करते हुए प्रत्येक किसान को 8 किलो धान के बीज के साथ-साथ 2 किलो बाजरा का एक बैग भी दिया गया। गांव के किसान कन्हैया ने बताया कि महंगे बीज के कारण वे मानकर बैठे थे कि इस बार रोपाई में देरी होगी, लेकिन इस सरकारी मदद से अब समय पर धान की रोपाई हो सकेगी।

प्रधान ने फिर जीता किसानों का दिल
यह कोई पहली बार नहीं है जब ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव की कोशिशों से किसानों का भला हुआ हो। इससे पहले भी वे लौवारी खुर्द के गरीब किसानों को इसी तरह की मांग उठाकर मुफ्त में बीज दिलवा चुके हैं। लगातार दूसरी बार हुई इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों के बीच यह संदेश गया है कि अगर गांव की जायज समस्याओं को सही समय पर सही तरीके से प्रशासन के सामने रखा जाए, तो अधिकारी भी तुरंत मदद का हाथ बढ़ाते हैं।

वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सीख
बीज वितरण के इस कार्यक्रम में पहुंचे कृषि सुपरवाइजर रोहित वर्मा ने किसानों को सिर्फ बीज ही नहीं दिया, बल्कि खेती के आधुनिक गुर भी सिखाए। उन्होंने बताया कि 'PB-1121' धान की फसल 130 से 135 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और इसमें बासमती जैसी बेहतरीन खुशबू होती है। उन्होंने किसानों को बीज का उपचार करने, सही जल प्रबंधन और वैज्ञानिक ढंग से रोपाई करने के तरीके समझाए ताकि पैदावार बंपर हो। इस मौके पर पंचायत सचिव अश्विनी गौतम और पंचायत सहायक बलवंत भी मौजूद रहे।