नौगढ़ में भालू का खतरा : रेंजर ने जारी किया सख्त अलर्ट, 2 बजे के बाद जंगल में एंट्री बैन
चंदौली के नौगढ़ में लकड़ी बीनने गई महिलाओं और बच्चों पर जंगली भालू ने हमला कर दिया। वफादार कुत्तों की सूझबूझ से सबकी जान बच गई। वन विभाग ने दोपहर 2 बजे के बाद जंगल में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
नौगढ़ जंगल में भालू का हमला
वफादार कुत्तों ने बचाई सबकी जान
दोपहर दो बजे बाद जंगल बंद
रेंजर अमित श्रीवास्तव का सख्त निर्देश
वीर एकलव्य मंदिर मार्ग पर खतरा
चंदौली जिले में साल के आखिरी दिन और नए साल के पहले दिन जहां लोग जश्न की तैयारियों में डूबे थे, वहीं चंदौली जिले की तहसील नौगढ़ के जंगलों में एक बड़ी अनहोनी होते-होते बची। 31 दिसंबर की शाम, जब कुछ महिलाएं और बच्चे लकड़ी बीनने के लिए जंगल की ओर गए थे, तभी एक मादा भालू ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। इस जानलेवा हमले में ग्रामीणों की जान उनके पालतू कुत्तों ने बचाई। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।
कुत्तों की बहादुरी ने भालू को पीछे हटने पर किया मजबूर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कूड़ा रजवाहा नहर के किनारे एक मादा भालू अपने शावकों के साथ मौजूद थी। जैसे ही महिलाओं और बच्चों का समूह उस क्षेत्र में पहुँचा, भालू ने उन्हें खतरा समझकर अचानक हमला कर दिया। स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी, लेकिन ग्रामीणों के साथ मौजूद पालतू कुत्तों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। कुत्तों ने एक साथ मिलकर भालू पर भौंकना शुरू किया और उस पर झपटने की कोशिश की। कुत्तों के इस आक्रामक शोर से भालू घबरा गया और जंगल की गहराई में वापस भाग गया। इस तरह, वफादार जानवरों की सूझबूझ से एक बड़ा खून-खराबा टल गया।
वीर एकलव्य मार्ग से मरवटिया पुल तक हाई अलर्ट
इस घटना के बाद वीर एकलव्य मंदिर मार्ग से लेकर मरवटिया पुल तक के पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं भी निर्णय लिया है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, वे बच्चों और बुजुर्गों को जंगल की ओर नहीं जाने देंगे। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इस पूरे मार्ग पर अतिरिक्त गश्त बढ़ाई जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि राहगीरों को खतरे का अंदाजा हो सके।
रेंजर की सख्त चेतावनी: 2 बजे के बाद 'नो एंट्री'
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) अमित श्रीवास्तव ने सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भालू वर्तमान में अपने बच्चों के साथ है, जिसकी वजह से वह अत्यधिक आक्रामक व्यवहार कर रही है। रेंजर ने निर्देश दिया है कि दोपहर 2 बजे के बाद जंगल के किसी भी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी उसकी स्वयं की होगी। फिलहाल वन विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे पेट्रोलिंग और निगरानी कर रही हैं।
सुरक्षा के लिए प्रशासन की अपील
रेंजर अमित श्रीवास्तव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल में जाने से बचें। यदि बहुत जरूरी हो, तो समूह में निकलें और शोर मचाते हुए चलें। किसी भी जंगली जानवर की गतिविधि दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें। फिलहाल विभाग भालू की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रहा है ताकि ग्रामीणों को भयमुक्त किया जा सके।