चंदौली का लाल: बिना किसी स्पॉन्सर के साइकिल से केदारनाथ और वैष्णो देवी निकला नौगढ़ का अवनीश यादव
चंदौली के नौगढ़ का रहने वाला सोशल मीडिया 'स्केटिंग किंग' अवनीश यादव अब साइकिल से केदारनाथ और वैष्णो देवी की कठिन यात्रा पर निकला है। बिना किसी बड़ी टीम और स्पॉन्सर के शुरू हुई इस यात्रा की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें।
नौगढ़ के अवनीश की साइकिल यात्रा
बिना स्पॉन्सर के हजारों किलोमीटर सफर
केदारनाथ के बाद जाएंगे वैष्णो देवी
सोशल मीडिया पर छिड़ी सियासी बहस
दोस्तों ने दी सुरक्षित यात्रा की बधाई
क्या सिर्फ मजबूत हौसला ही किसी इंसान को बिना संसाधनों के हजारों किलोमीटर की सबसे कठिन यात्रा पर ले जा सकता है? इस बात को सच कर दिखाया है चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील के रहने वाले एक साधारण परिवार के बेटे ने। नौगढ़ के बाघी गांव के रहने वाले अवनीश यादव ने रविवार से केदारनाथ धाम के लिए अपनी कठिन साइकिल यात्रा शुरू कर दी है।
इस यात्रा के सामने आते ही सोशल मीडिया पर 'साइकिल' शब्द को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का पहिया घूमने लगा है। हालांकि, अवनीश का कहना है कि उनकी इस यात्रा का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। यह अभियान पूरी तरह से उनकी धार्मिक आस्था, आत्मविश्वास और युवाओं को प्रेरित करने के लिए है।
स्केटिंग किंग के नाम से हैं मशहूर
अवनीश यादव सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक) पर 'स्केटिंग किंग' के नाम से काफी मशहूर हैं और उनके एडवेंचर वीडियो को लाखों लोग देखते हैं। इससे पहले वे स्केटिंग करते हुए खाटू श्याम धाम की लंबी यात्रा पूरी कर अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं। अब उनका नया लक्ष्य अपनी साइकिल से हिमालय की सबसे दुर्गम पहाड़ियों को पार कर बाबा केदारनाथ के दरबार में हाजिरी लगाना है।
न कोई बड़ा बजट, न कोई स्पॉन्सर
आज के समय में जहाँ लोग लंबी यात्राओं के लिए बड़ा बजट, बड़ी गाड़ियां, स्पॉन्सर और आधुनिक सुख-सुविधाएं ढूंढते हैं, वहीं अवनीश के पास ऐसा कुछ नहीं है। वे बिना किसी स्पॉन्सर या बड़ी टीम के सिर्फ अपनी साइकिल, एक मोबाइल फोन और बहुत जरूरी सामान के सहारे इस बेहद कठिन रास्ते पर निकल पड़े हैं। उनका मानना है कि अगर इरादे पक्के हों, तो पैसों या संसाधनों की कमी कभी भी आपके कदमों को रोक नहीं सकती।
केदारनाथ के बाद वैष्णो देवी का लक्ष्य
अवनीश यादव ने अपनी इस महायात्रा के रूट के बारे में बताते हुए कहा कि वे सबसे पहले उत्तराखंड में स्थित बाबा केदारनाथ धाम पहुंचेंगे और वहां दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वे वहां रुकेंगे नहीं, बल्कि वहीं से सीधे साइकिल चलाते हुए जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी के धाम की यात्रा के लिए निकल जाएंगे। हजारों किलोमीटर लंबी यह यात्रा उनकी शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की बड़ी परीक्षा होने वाली है।
दोस्तों ने दी शुभकामनाएं, 'साइकिल' पर छिड़ी बहस
रविवार की सुबह जब अवनीश यात्रा के लिए निकले, तो उनके मित्रों और पूरे नौगढ़ क्षेत्र के लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर पंकज गुप्ता, कौशिक केशरी, अमित गुप्ता, विशाल जायसवाल, प्रांजल यादव और रमेश मौर्य समेत कई साथी मौजूद रहे, जिन्होंने उन्हें सुरक्षित सफर की शुभकामनाएं देकर विदा किया।
उत्तर प्रदेश में 'साइकिल' शब्द सामने आते ही राजनीतिक कयास शुरू हो जाते हैं, वैसा ही अवनीश की तस्वीरों के साथ भी हुआ। सोशल मीडिया पर लोग इसे राजनीति से जोड़ने लगे। इस पर अवनीश ने साफ किया कि उनका मकसद केवल युवाओं को यह संदेश देना है कि हौसला बड़ा हो तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं। वे केवल आस्था और आत्मबल के संदेश को लेकर नौगढ़ से निकले हैं।